सहारनपुर। कोरोना संक्रमण बढ़ता देख न्यायालयों में सभी प्रकार के कार्य ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया है। रिमांड बनवाना और बंदियों की पेशी आदि कार्य वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये होंगे। न्यायालय परिसर में कोई भी बगैर मास्क नहीं जा सकेगा।
जनपद न्यायाधीश अश्वनी कुमार त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) हृर्षीकेश पांडेय ने बताया कि कोविड-19 के मद्देनजर उच्च न्यायालय के आदेश पर सभी न्यायालयों में अग्रिम आदेश तक जेआईटीएसआई (जितसी) के माध्यम से कार्य किया जाएगा। न्यायालय परिसर में प्रवेश करने वालों को मास्क और फेस शील्ड लगाना अनिवार्य होगा।
न्यायालय परिसर में थूकना निषेध है एवं ऐसा करने वालों को दंडित किया जाएगा। न्यायालय परिसर में पान, गुटखा, तंबाकू का सेवन करना निषेध है। सभी आवेदन पत्रों पर वादकारी एवं अधिवक्ता का मोबाइल नंबर अंकित किया जाना अनिवार्य होगा। विचाराधीन बंदियों के संबंध में रिमांड अन्य न्यायिक कार्य वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होंगे। समस्त नवीन वाद, प्रार्थनापत्र केंद्रीयकृत फाइलिंग काउंटर कंप्यूटर रूम में प्राप्त किए जाएंगे।
जिन प्रकरणों में कार्रवाई नहीं की जानी है, उनमें अग्रिम तिथि की सूची संबंधित न्यायालय के सूचना पट्ट पर चस्पा कर दी जाएगी, संबंधित अधिवक्ता उक्त सूची से तिथि नोट कर संबंधित वादकारियों को सूचित कर सकते हैं। अधिवक्ताओं से अपील है कि ऐसे वादकारियों को न्यायालय परिसर में ना बुलाएं, जिनके प्रकरणों में कोई कार्रवाई नहीं होनी है। ताकि न्यायालय परिसर में अनावश्यक भीड़ एकत्र ना हो।