गन्ना मूल्य नहीं बढ़ा तो होगा आंदोलन
सहारनपुर। यूपी शुगर मिल्स एसोसिएशन की तरफ से गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाने के संबंध में मुख्यमंत्री को लिखे पत्र पर किसान संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसोसिएशन शुगर रिकवरी कम होने का बहाना बनाकर प्रदेश सरकार पर गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाने का दबाव बना रही है, जबकि सरकार को इनके किसी बहाने पर ध्यान नहीं देना चाहिए और लगातार बढ़ रही लागत को देखते हुए गन्ना मूल्य में बढ़ोत्तरी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि गन्ना मूल्य नहीं बढ़ा तो किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
रिकवरी कम होने की बात सिर्फ प्रदेश सरकार पर मनोवैज्ञानिक दबाव डालने के लिए की जा रही है। जिससे किसान गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग पर शांत रहे। हरियाणा में गत सीजन में 350 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य दिया गया। वहां के मिल तो घाटे का रोना नहीं रो रहे हैं। बढ़ी हुई लागत को देखते हुए सरकार कम से कम 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करे। इससे कम किसान बर्दाश्त नहीं करेगा। - चौधरी विनय कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन।
गत वर्ष मिलों में शुगर रिकवरी बंपर रही थी। क्या मिलों ने इसके लिए अलग से इंसेंटिव दिया था। किसान वर्तमान गन्ना मूल्य को स्वीकार नहीं करेंगे। गन्ना मूल्य को लेकर संगठन की शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता होगी। मिलों को घाटा है तो वे उसे बंद कर दें। किसानों को हर सूरत में गन्ने का लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए।
- श्यामवीर त्यागी, प्रदेश संयोजक (गन्ना) भारतीय किसान संघ
चीनी मिलें गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाने का माहौल बना रही हैं। उर्वरक, कीटनाशक, डीजल से लेकर मजदूरी तक में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। इससे गन्ने की उत्पादन लागत में काफी इजाफा हुआ है। इसलिए प्रदेश सरकार को कम से कम 550 रुपये गन्ना मूल्य घोषित करना चाहिए। इसके अलावा किसानों को बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज अनिवार्य रूप से दिलाया जाए। - नीरज चौधरी, राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा इकाई भाकियू (अखंड)
शुगर मिलें गन्ने से बनने वाली चीनी सहित अन्य उत्पादों से 600 रुपये प्रति क्विंटल का गन्ना मूल्य आराम से दे सकती हैं। इससे कम गन्ना मूल्य भी किसानों के लिए लाभकारी साबित नहीं होगा। भाजपा ने तो स्वामीनाथन आयोग की संस्तुति के आधार पर फसल की लागत का डेढ़ गुना मूल्य देने का वादा किया हुआ है। गन्ना मूल्य तय करते समय सरकार इस वादे को ध्यान में रखे। - भगत सिंह वर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा।
श्यामवीर त्यागी- फोटो : SAHARANPUR
नीरज चौधरी- फोटो : SAHARANPUR
चौधरी विनय कुमार- फोटो : SAHARANPUR