सहारनपुर। मानसून में नमी बढ़ने से आंखों पर खतरा मंडराने लगा है। एसबीडी जिला अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ की ओपीडी 150 के पार पहुंच गई है। ओपीडी में सबसे ज्यादा मरीज कंजक्टिवाइटिस के आ रहे हैं। इसके मुख्य लक्षण आंखों का लाल होना, जलन और खुजली है। यह वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण के कारण फैलता है।
इन दिनों मौसम बदल रहा है। कभी बारिश तो कभी तेज धूप निकल रही है। उमस भरी गर्मी ने लोगों को बीमार कर दिया है। उमस का असर लोगों की आंखों पर भी पड़ रहा है। एसबीडी जिला अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मनु तनेजा ने बताया कि मौसम में बदलाव के चलते आंखों में संक्रमण के मरीजों में इजाफा हुआ है। कुछ दिन पहले तक ओपीडी में 100 से 125 तक रहती थी, जो बढ़कर 150 के पार पहुंच गई है। इसमें 25 से 30 नए मरीज हैं, जबकि अन्य मरीज पुराने हैं। 40 से 50 मरीज ऐसे हैं, जिन्हें कंजक्टिवाइटिस है। इसे ठीक होने में करीब सात से 10 दिन लगते हैं।
क्या है कंजक्टिवाइटिस
कंजक्टिवाइटिस को आंख आना भी कहते हैं। इसमें आंख के सफेद हिस्से को ढकने वाली पतली झिल्ली में सूजन की समस्या शुरू हो जाती है। इसके कारण आंखें लाल होने, पानी आना, आंखों में खुजली होना, आंखों से पीले रंग का लिक्विड आना या पलकें आपस में चिपकने लगती हैं। संक्रमण की वजह से कंजक्टिवाइटिस एक से दूसरे लोगों में फैलने की संभावना बढ़ जाती है। उनके तौलिये या किसी दूसरी चीज को इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
-
यह बरतें सावधानी
- हाथ धोने के बाद ही आंखों को छूए।
- केमिस्ट से दवाई न लें। परेशानी होने पर सीधा डॉक्टर को दिखाएं।
- डॉक्टर द्वारा लिखी दवाइयों का पूरा कोर्स करें।
- खुद से दवाई लेकर आंखों में न डालें।