तहसील दिवस में अपनी समस्याये लेकर सीढी पर चढता दिव्यांग
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। सभी सरकारी भवनों में दिव्यांगजनों के लिए रैंप बनाए जाने का शासनादेश है, लेकिन सदर तहसील के कई विभागों में दिव्यांगजनों के लिए रैंप नहीं है, जिस कारण दिव्यांगों को सीढ़ियाें पर परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मंगलवार को शेखपुरा निवासी दिव्यांग बुजुर्ग महिला रचना अपनी पुत्री दीपा के साथ शिकायत लेकर तहसील पहुंची। रचना ने बताया कि उसके बच्चों के नाम राशन कार्ड से काट दिए गए हैं, जिस कारण पर्याप्त राशन नहीं मिल पाता है। तहसील की दूसरी मंजिल पर बने कार्यालय में रचना को जाना था, लेकिन दिव्यांग होने की वजह से सीढ़ियों पर चढ़ते हुए घबरा रही थी। किसी प्रकार उसने अपनी लाठी पुत्री को पकड़ाई और हांफते हुए सीढ़ियों पर चढ़ने लगी। दूसरी तरफ वहां तहसील दिवस चल रहा था। मीडियाकर्मियों की नजर दिव्यांग महिला पर पड़ी और उसके फोटो लिए तो अधिकारी हरकत में आ गए। दूसरी मंजिल से सीढ़ियों से उतर रहे तहसीलदार गोपेेश तिवारी यह सब देखकर रुक गए और उन्होंने तत्काल अपने अर्दली को निर्देश दिए कि महिला की समस्या से संबंधित कर्मचारी को नीचे ही बुलवाएं। इसके बाद रचना और उसकी बेटी को नीचे ही बैठा दिया। तब कर्मचारी ने आकर उनकी समस्या सुनी और समाधान के लिए कार्रवाई शुरू की। तहसीलदार गोपेश तिवारी ने बताया कि नीचे तो बिल्डिंग में रैंप बना है, लेकिन दूसरी मंजिल पर चढ़ने के लिए रैंप नहीं है। उधर, विकास भवन में भी प्रथम तल पर तो रैंप बना हैं, लेकिन दूसरी मंजिल पर जाने कि लिए रैंप नहीं है। ऐसी स्थित देहात क्षेत्रों के कार्यालयों में आए दिन देखने को सामने आती है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उपनिदेशक अभय श्रीवास्तव ने बताया कि दिव्यांगों को दिक्कत न हो, इसके लिए सरकारी कार्यालयों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय तल तक रैंप बनाए जाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है, जिस पर जल्द काम भी शुरू होगा।
तहसील दिवस में अपनी समस्याये लेकर पहुंचा दिव्यांग- फोटो : SAHARANPUR
हसील दिवस में अपनी समस्याये लेकर सीढी पर चढता दिव्यांग- फोटो : SAHARANPUR