सहारनपुर। जनपद में नए बागों को लगाने के लिए उद्यान विभाग न सिर्फ तकनीकी परामर्श देगा बल्कि बागवानों को अनुदान भी दिया जाएगा। शासन से इसके लिए जनपद का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। इसमें आम, अमरूद, लीची के साथ ही खेत की मेड़ पर लगने वाले करोंदा, जामुन और बेल सहित अन्य फलों के पौधों को शामिल किया गया है।
जनपद को आम और अमरूद के साथ लीची का भी हब माना जाता है। यहां पर 25 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में आम की विभिन्न प्रजातियों के बाग हैं। इसके अलावा लीची और अमरूद की बागवानी भी लगातार बढ़ रही है। शासन ने इस बार जिला औद्यानिक मिशन योजना के तहत जनपद में नए बाग लगवाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत बागवानों को अनुदान भी दिया जाएगा। जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत आम का लक्ष्य 15 हेक्टेयर का है जिसमें बागवान को प्रति हेक्टेयर 7600 रुपये का अनुदान मिलेगा। अमरूद की सघन बागवानी के लिए 18 हेक्टेयर और सामान्य विधि के लिए 17 हेक्टेयर का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। सघन बागवानी के लिए 17500 रुपये और सामान्य विधि के लिए 11500 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान दिया जाएगा। लीची के लिए लक्ष्य 10 हेक्टेयर का मिला है। इसके लिए अनुदान 8400 रुपये हेक्टेयर का है। करोंदा के लिए 25 हेक्टेयर ,जामुन का लक्ष्य 20 हेक्टेयर, बेल लगाने के लिए लक्ष्य 30 हेेक्टेयर और कटहल के लिए 23 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन सबके लिए बागवान को 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान रखा गया है। नींबू के लिए 12 हेक्टेयर का लक्ष्य रख गया है। इसके लिए प्रति हेक्टेयर अनुदान 20 हजार रुपये होगा।