वेस्ट यूपी के कई जिलों के अधिवक्ताओं ने अधिवेशन में एक सुर में सुर मिलाते हुए हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर हुंकार भरी। इसमें संकल्प लिया गया कि जब तक वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट की बेंच नहीं मिलती, तब तक संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।
सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन के बार परिसर में शनिवार को हुए अधिवेशन में केंद्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष रोहिताश अग्रवाल और संयोजक संजय शर्मा ने कहा कि लंबे समय से संघर्ष के बावजूद अब तक हाईकोर्ट की बेंच की मांग पूरी नहीं हो पाई है।
उन्होंने कहा कि अब सभी राजनीतिक दल विधानसभा चुनाव 2017 की तैयारी में लगे हैं। ऐसे माहौल में अधिवक्ता उसी पार्टी का साथ देंगे, जो इस आंदोलन का समर्थन करते हुए बेंच दिलाएगी।
अधिवेशन में कई जिलों के अन्य वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि इस मामले को जनांदोलन का रूप दिया जाए। साथ ही पहले सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाया जाए और उसके बाद जरूरत पड़ने पर संसद भवन तक प्रदर्शन किया जाए।
यह भी प्रस्ताव रखा गया कि पांच मार्च को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन होंगे, जबकि प्रदेश के सभी जिलों के बार अध्यक्ष और सचिव 10 मार्च को प्रेस क्लब दिल्ली पर इकट्ठा होंगे। वहां इस आंदोलन पर मीडिया के साथ मंथन किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों को भी दिल्ली लेकर जाएंगे।
अधिवेशन में मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर सहित अन्य जिलों से पहुंचे अधिवक्ताओं में परमिंदर भाटी, अशोक पंवार, सत्यपाल सैनी, नीरज चौधरी, शैलेंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार, मुकेश कुमार शर्मा, अनुराग गुप्ता, फैसल अंसारी, अखिलेश शर्मा, धर्मेंद्र, रेखा रानी, साधु सिंह, नौशाद, सतीश कुमार, ज्ञान सिंह पुंडीर, अनिल गुर्जर, केहर सिंह, प्रदीप कुमार समेत अन्य शामिल रहे।