सहारनपुर। विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कैंप कार्यालय में जागरुकता कार्यशाला की गई। इसमें हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई संक्रमण रोगों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही समय पर पहचान, रोकथाम व उपचार के बारे में बताया।
सीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार व वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार वोहरा ने बताया कि हेपेटाइटिस लिवर की गंभीर बीमारी है, जो पांच प्रकार के वायरस से फैलती है। वायरस, बैक्टीरिया या परजीवी से हो सकती है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से हेपेटाइटिस बी, सी और डी लिवर को गंभीर क्षति पहुंचा सकते हैं और समय पर इलाज न हो तो यह रोग जानलेवा भी हो सकता है।
नोडल अधिकारी शिवांका गौड़ ने बताया कि यह रोग संक्रमित रक्त, असुरक्षित यौन संबंध, दूषित भोजन व पानी, तथा प्रयोग की गई सिरिंज के जरिए फैलता है। गर्भवती महिलाओं से बच्चों में यह संक्रमण 10 से 26 प्रतिशत तक फैल सकता है। इस मौके पर एसीएमओ डॉ. कपिल देव आदि रहे।