मांगें नहीं मानी तो स्वास्थ्यकर्मी देंगे सामूहिक इस्तीफा
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश टीबी कंट्रोल वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े टीबी अस्पतालों के संविदाकर्मी सरकार से खासे नाराज हें। उन्होंने 20 साल से चली आ रही टीबी अस्पतालों में रिक्त पदों पर भर्ती, संविदाकर्मियों के नियमितीकरण सहित कई मांगों के 15 दिन के भीतर नहीं माने जाने पर दस जुलाई के बाद प्रदेश भर के संविदाकर्मियों द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सामूहिक इस्तीफा सौंपने की चेतावनी दी है।
यहां टीबी अस्पताल में कार्यरत एवं उत्तर प्रदेश टीबी कंट्रोल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेस प्रवक्ता एमपी सिंह चावला ने बताया कि टीबी अस्पतालों में बड़ी संख्या में कर्मचारी करीब दो दशक से संविदा पर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने देश को 2025 तक टीबी से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इसमें भी संविदाकर्मी अहम भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन सरकार और विभाग संविदाकर्मियों की परेशानियों को लेकर चिंतित नहीं है। प्रदेश भर में हजारों पद खाली चल रहे हैं। ऐसे में मौजूदा कर्मचारियों पर काम का बोझ है। मांगों पर कोई सुनवाई नहीं है। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष सुनयना अरोड़ा के आह्वान पर सभी जनपदों के टीबी अस्पताल के उक्त कर्मचारियों द्वारा अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि 15 दिन में मांगें नहीं माने जाने पर सामूहिक इस्तीफा दिया जाएगा। चावला ने बताया कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन संविदाकर्मियों के मानदेय में कोई बढ़ोत्तरी नहीं है, जिसकी वजह से वह आर्थिक रूप से परेशान हैं।