सहारनपुर। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों को अभी तक स्वेटर, जूते, मोजे और ड्रेस का पैसा नहीं मिला है। ऐसे में वह बिना ड्रेस या फिर फटी-पुरानी ड्रेस से स्कूल जा रहे हैं। अब सर्दी सिर पर है। ऐसे में जूतों और स्वेटर न होना उनके लिए मुश्किल पैदा करेगा।
जनपद में 1438 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। इनमें कक्षा एक से आठ तक के 1.92 हजार विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इन विद्यार्थियों की ड्रेस का पैसा 1200 रुपये उनके अभिभावकों के खातों में जाता है। इस राशि से दो जोड़ी यूनिफार्म, स्कूल बैग, जूते-मोजे, स्वेटर और स्टेशनरी खरीदनी होती है। शैक्षिक सत्र 2026-27 में 1.92 लाख विद्यार्थियों के सापेक्ष 1.79 लाख के ही अभिभावकों के खातों में धनराशि भेजी जा सकी है। ऐसे में बाकी करीब 13 हजार विद्यार्थी इस धनराशि से महरूम हैं। जिससे अभिभावक उन्हें नई ड्रेस नहीं दिलवा पाएं। सर्दी के साथ स्वेटर और जूते-मोजे की जरूरत भी बढ़ेगी। जिन बच्चों के अभिभावकों को अभी तक सहायता राशि नहीं मिली है, उन्हें अपने खर्च से जरूरी सामान खरीदना पड़ सकता है। फिलहाल अभिभावक शासन से बजट जारी होने की बाट देख रहे है।
-वर्जन
छूटे हुए छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में डीबीटी की धनराशि जल्द भेजी जाएगी। नए नामांकन वाले बच्चों का डाटा भी विभाग द्वारा अपलोड किया जा चुका है, जिससे कि उनको भी लाभ मिले।
-कोमल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी