सहारनपुर। बसपा के पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल और इनके करीबियों पर शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। एक के बाद एक नए मामले सामने आ रहे हैं, जिससे हाजी इकबाल के परिवार के लिए भविष्य में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। क्योंकि जितने भी मामले सामने आ रहे हैं, उनमें तेजी से कार्रवाई चल रही है।
एक वक्त था जब प्रदेश में बसपा की सरकार थी, तो हाजी इकबाल का इकबाल बुलंद रहता था। किसी भी शिकायत पर इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद हाजी इकबाल और उनके करीबियों के सितारे गर्दिश में आ गए हैं। तमाम शिकायतों के साथ पुराने मामले खुलकर सामने आए और उन पर कार्रवाई भी तुरंत शुरू हो गई।
सीबीआई और ईडी भी मुखौटा कंपनियां बनाकर प्रदेश की चीनी मिलें खरीदने के मामले में जांच कर रही है। वहीं, सहारनपुर जनपद में राजस्व संहिता के नियमों के विपरीत जमीन की खरीद से लेकर खनिज विभाग से जुड़े मामलों पर भी जांच चल रही है। वहीं, 2018 में दर्ज केस के संबंध में हाजी मोहम्मद इकबाल, सौरभ मुकुंद और विनोद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो गई है। इस तरह से लगातार मामले सामने आ रहे हैं और कार्रवाई चल रही हैं, जिससे हाजी इकबाल और इनके करीबियों पर शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।
दो महीने के दौरान हुई कार्रवाई
9 जुलाई - मुखौटा कंपनियां बनाकर चीनी मिल खरीदने के मामले को लेकर सीबीआई की टीम ने हाजी इकबाल के मिर्जापुर स्थित घर और इनके करीबी सौरभ मुकुंद के सहारनपुर साउथ सिटी स्थित आवास पर छापा मारा था। सुबह से शाम तक जांच की गई थी।
12 जुलाई - अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) विनोद कुमार ने हाजी इकबाल और उनके बेटे मोहम्मद वाजिद के खिलाफ चल रहे वाद में निर्णय सुनाया था। बेहट तहसील क्षेत्र में भूमि खरीदने में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता का उल्लंघन मानते हुए करीब 35 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया गया था।
28 जुलाई - हाजी इकबाल के भाई बसपा एमएलसी महमूद के मिर्जापुर स्थित मकान पर 50 करोड़ रिकवरी का नोटिस प्रशासन द्वारा चस्पा कराया गया। यह रकम एनजीटी द्वारा 2016 में लगाए गए जुर्माने के रूप में वसूल की जानी है।
12 अगस्त - हाजी इकबाल, दो पूर्व खान अधिकारियों समेत चार के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में सदर बाजार कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई, जिसमें वादी रणवीर सिंह ने खनिज विभाग के अधिकारियों, कर्मचारी और हाजी इकबाल पर गंभीर आरोप लगाए। सीजेएम कोर्ट के आदेश पर यह रिपोर्ट दर्ज हुई।
अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने आदि आरोप संबंधी 2018 में दर्ज रिपोर्ट के मामले में क्राइम ब्रांच द्वारा विवेचना कर आरोपी हाजी इकबाल, सौरभ मुकुंद और विनोद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई।