सहारनपुर। दक्षिण अफ्रीका में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में प्रत्यर्पण का सामना कर रहे गुप्ता बंधु अतुल गुप्ता और राजेश गुप्ता ने वकील के माध्यम से ब्लोमफोन्टेन स्थित फ्री स्टेट हाइकोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखा है। इनके वकील वकील माइक हेलेंस ने गुप्ता बंधुओं पर लगाए आरोपों और प्रत्यर्पण को अस्तित्वहीन बताया हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला जिस मजिस्ट्रेट अदालत में चलाया जा रहा है, वह राष्ट्रीय अभियोजन प्राधिकरण नहीं है।
सहारनपुर के मूल निवासी अतुल गुप्ता और राजेश गुप्ता को गत दो जून को दुबई पुलिस ने इंटरपोल से जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। गुप्ता बंधुओं के करीबी सहारनपुर निवासी जावेद साबरी ने बताया कि उनके वकील हेलेंस ने यह भी कहा कि आपराधिक प्रक्रिया अधिनियम के प्रावधानों के तहत, आरोपी को अपने ऊपर लगाए आरोपों के बारे में विस्तार से पूछने और अपना कानूनी बचाव करने के हकदार हैं। हेलेंस के मुताबिक कोर्ट यह तय करेगी कि दक्षिणी अफ्रीका सरकार की ओर से आने वाले जवाब और विवरण पर्याप्त हैं या नहीं। यदि कोर्ट राज्य के जवाब को अपर्याप्त मानती है तो आरोपों को रद्द करने की मांग की जाएगी। साथ ही इस बात पर भी निर्णय किया जाना है कि दक्षिणी अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के मध्य प्रत्यर्पण संधि कानून इस मामले में प्रभावी है या नहीं?
गुप्ता बंधु--राजेश गुप्ता- फोटो : SAHARANPUR