इस कॉरिडोर के बनने से पांवटा साहिब जैसे हिमाचल प्रदेश के महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक पहुंचने वाले लोगों को अब लंबी और मुश्किल यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। वर्तमान में गंदेवड से विकास नगर होते हुए पांवटा साहिब जाना पड़ता है, जो समय और दूरी दोनों में ज्यादा है। नया रास्ता बनने के बाद सहारनपुर, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बीच संपर्क सुगम हो जाएगा।
यमुना नदी पर पुल बनने से पहले लोगों को हरियाणा जाने के लिए हथिनीकुंड या सरसावा रोड से होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता था। इस पुल के साथ-साथ ग्रीन कॉरिडोर के निर्माण से नदी में बाढ़ आने पर होने वाली समस्याओं से भी निजात मिलेगी।
व्यापार की दृष्टि से भी यह परियोजना बड़ी राहत साबित होगी। हिमाचल के व्यापारी सहारनपुर में रोजाना फल, सब्जी, कपड़ा और अन्य वस्तुएं खरीदने आते हैं। अब उन्हें कम समय और कम लागत में व्यापार करना संभव होगा, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद खादर क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है, साथ ही उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच आवागमन भी सरल और सुरक्षित हो जाएगा।