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69 दिनों में लक्ष्य की मात्र 5.4 फीसदी हुई गेहूं की सरकारी खरीद

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- जनपद का 116000 मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीद का लक्ष्य
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- गेहूं खरीद के लिए जनपद में स्थापित कर रखे हैं 92 क्रय केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। बाजार में बढ़िया भाव के चलते इस सीजन में गेहूं की सरकारी खरीद काफी पिछड़ गई है। सरकारी खरीद समाप्त होने में सिर्फ छह दिन शेष है, इसके बावजूद जनपद में अब तक लक्ष्य का मात्र 5.4 प्रतिशत ही गेहूं खरीद हो सकी है। जनपद को इस बार 116000 मीट्रिक टन गेहूं खरीद करने का सरकारी लक्ष्य दिया गया है।
किसानों को गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलना सुनिश्चित कराने के लिए सरकार गेहूं की सरकारी खरीद कराती है। जनपद में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए इस सीजन में 92 क्रय केंद्र स्थापित किए गए। सरकार ने इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल घोषित कर रखा है। बाजार में बढ़िया भाव के चलते अधिकांश किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों की बजाए मंडियों या ग्राम व्यापारियों को गेहूं बेचा है। मंडी में 2100 रुपये प्रति क्विंटल तक गेहूं बिका है। यही वजह है कि इस बार गेहूं की सरकारी खरीद लक्ष्य के मात्र 5.4 प्रतिशत ही हो सकी है। सही स्थिति 15 जून को सरकारी खरीद के समाप्त होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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सरकारी क्रय केंद्रों पर 2309 किसानों ने ही बेचा गेहूं
जनपद में मात्र 2309 किसानों ने ही सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचा है। उन्होंने 92 क्रय केंद्रों पर 6216.366 मीट्रिक टन गेहूं की बिक्री की, जबकि गत सीजन में इस समयावधि में जनपद में 92626.46 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने वाले 96 प्रतिशत किसानों के बैंक खातों में गेहूं का भुगतान हो चुका है।
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-- वर्जन --
गेहूं की सरकारी खरीद जनपद ही नहीं प्रदेश भर में पिछड़ी हुई है। इसकी बड़ी वजह मंडी में गेहूं का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक होना है। जनपद में लक्ष्य का मात्र 5.4 प्रतिशत ही गेहूं खरीद हो सकी है। 15 जून को गेहूं की सरकारी खरीद समाप्त हो जाएगी। ---- संजीव राय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।
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