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कुआंखेड़ा संगम और यमुना में श्रद्घालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

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कुंआखेड़ा संगम पर डुबकी लगा पूण्य लाभ कमाते श्रद्वालु - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर/सरसावा/नानौता। गंगा दशहरा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सरसावा में यमुना नदी और नानौता में गंगा-यमुना के संगम पर शीतल जल में डुबकी लगाकर पुण्य ग्रहण किया। कुंआखेड़ा संगम और सरसावा में यमुना तट पर विशाल मेलों का भी आयोजन हुआ जिसमें श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की। इस दौरान नदियों किनारे भंडारों का आयोजन भी किया गया। पूर्वी यमुना नहर में भी श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
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बृहस्पतिवार को जिले में गंगा दशहरा पर्व मनाया गया। सरसावा के शाहजहांपुर चौकी क्षेत्र में स्थित यमुना नदी के घाट पर हजारों की संख्या में महिला पुरुष बच्चों ने यमुना में डुबकी लगाकर भगवान शिव की उपासना की। बनखंडी मंदिर सरसावा के मुख्य पुजारी पंडित अनिल कौशिक ने बताया कि आज ही की तिथि को पवित्र जीवनदायिनी गंगा नदी भगवान शिव की जटाओं से मुक्त होकर पृथ्वी पर अवतरित हुई थी, इसीलिए ये पर्व हिंदू धर्मावलंबियों के लिए बेहद खास स्थान रखता है। मेले के दौरान एसओ धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिसकर्मी यमुना के घाट पर तैनात रहे। श्रद्धालुओं की जान माल की सुरक्षा के लिए यमुना नदी में नाव में बैठकर गश्त करने के साथ ही अनहोनी से बचाने को गोताखोर भी तैनात रखे। फायर ब्रिगेड की टीम भी यमुना नदी के घाट पर तैनात रही। नागरिक सुरक्षा कोर के प्रभागीय वार्डन देशबंधु शर्मा की टीम लगातार व्यवस्थाओं में लगी रहीं।
नानौता के गांव कुआंखेड़ा में स्थित गंगा यमुना के संगम स्थल पर गंगा दशहरा के पावन पर्व पर सैकड़ों धर्म प्रेमियों द्वारा संगम में स्नान कर धार्मिक पुण्य अर्जित किया। कुछ धर्म प्रेमियों द्वारा इस पावन पर्व पर स्नान के उपरांत धार्मिक अनुष्ठान भी कराए गए।
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बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परेशान रहे श्रद्धालु
नानौता। कुआंखेड़ा संगम पर बुनियादी सुविधाओं के अभाव में श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ी। महिलाओं के लिए स्नान घाट, कपड़े बदलने के चैंबर व वाहनों को खड़े करने का उचित प्रबंध न होने चलते श्रद्धालु परेशान दिखे। संगम विकास धार्मिक सेवा समिति के अध्यक्ष रामेश्वर दत्त शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस पवित्र स्थल को धार्मिक पर्यटक स्थल घोषित करने की मांग की गई है। पिछले दिनों क्षेत्रीय सांसद प्रदीप चौधरी से भी महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए हरिद्वार की तर्ज पर चैंबर बनाने की मांग की गई थी।
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पुरानी यमुना नदी में पानी न छोड़ने पर रोष
साढ़ौली कदीम। गंगा दशहरे पर भी पुरानी यमुना नदी में पानी न छोड़ने से क्षेत्रीय ग्रामीणों में रोष है। क्षेत्रीय ग्रामीण रिषीपाल सिंह, महीपाल, योगेन्द्र सिंह, नितिन कुमार, मोल्हड़ सिंह कांबोज, सोनी कुमार, देवेंद्र गोयल, राजेश शर्मा, सतीश शर्मा, सुंदरलाल, रमेश कश्यप, आशु कश्यप आदि का कहना है कि पूर्वी यमुना नहर से निकाली गई पुरानी यमुना नदी में प्रतिवर्ष गंगा दशहरे पर पानी छोड़ा जाता रहा है जिससे स्थानीय लोग गंगा दशहरे पर पूजा पाठ का कार्य स्थानीय स्तर पर ही पूरा कर लेते थे, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने गंगा दशहरे पर के पावन पर्व पर पुरानी यमुना नदी में पानी न छोड़ उनकी धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाने का कार्य किया है। बता दें कि पुरानी यमुना नदी पिछले कई माह से पानी के अभाव में सूखी पड़ी है जिससे जंगली जंतुओं को पानी के लिए खेतों में भटकना पड़ रहा है।

कुंआखेड़ा संगम पर डुबकी लगा पूण्य लाभ कमाते श्रद्वालु- फोटो : SAHARANPUR

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