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हाजी इकबाल की कुर्क की संपत्ति पर लगाए सरकारी बोर्ड

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शाहपुर गाड़ा में हाजी इकबाल की बेनामी संपत्ति पर सरकारी बोर्ड लगवाने पहुंची पुलिस व राजस्व टीम - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर/बेहट। खनन माफिया पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल उर्फ बाला की कुर्क की गई 21 करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी संपत्तियों पर सोमवार को पुलिस प्रशासन ने सरकारी बोर्ड लगा दिए। इस कार्रवाई से पहले संबंधित गांव में मुनादी व लाउडस्पीकर के जरिए अनाउंसमेंट भी किया गया। टीम ने मिर्जापुर पोल, शाहपुर गाड़ा, शेरपुर पेलो और रोशनपुर पेलो में करीब 300 बीघा भूमि पर सरकारी बोर्ड लगाए। इसके साथ ही अन्य संपत्तियों पर भी बोर्ड लगाने की कार्रवाई देर रात तक चलती रही। मंगलवार यानि आज भी कुर्क की गई संपत्तियों पर बोर्ड लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
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बेहट तहसीलदार प्रकाश सिंह एवं सीओ चित्रांशु गौतम सोमवार की सुबह मिर्जापुर थाने से राजस्व टीम और पुलिस के साथ सबसे पहले शाहपुर गाड़ा गए। वहां चिह्नित की गई हाजी इकबाल की बेनामी संपत्ति को कब्जे में लिया। यह संपत्ति राजस्व अभिलेखों में हाजी इकबाल के नौकर नसीम पुत्र अब्दुल गफ्फार उर्फ गफूर निवासी मिर्जापुर के नाम पर थी। टीम ने संपत्ति को कब्जे में लेते हुए उस पर सरकारी बोर्ड लगाया। इस कार्रवाई से पहले गांव में ढोल बजवा कर मुनादी कराई और लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट कराया गया। इसके बाद पुलिस एवं प्रशासनिक टीम ने शेरपुर पेलो, रोशनपुर पेलो व मिर्जापुर पोल में हाजी इकबाल द्वारा अपने नौकर के नाम ली बेनामी संपत्ति पर सरकारी बोर्ड लगवाए। तहसीलदार प्रकाश सिंह ने बताया कि सोमवार को करीब 300 बीघा भूमि पर बोर्ड लगाया जा सकें है। मंगलवार को भी कुर्क की गई इतनी ही संपत्ति सरकारी बोर्ड लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कुर्क की गई भूमि में आम के बाग खड़े हैं। सभी गांव वालों को मुनादी और अनाउंसमेंट जरिए प्रशासनिक कार्रवाई के बारे में सूचित कर दिया गया है, जिन लोगों ने इन संपत्तियों में लगे आम के बाग की फसल खरीद रखी है, उन्हें भी बता दिया गया है कि वह फसल न तोड़े। शेष बची संपत्ति पर सरकारी बोर्ड लगाकर कब्जे में ली जाएगी। पुलिस-प्रशासन की टीम कार्रवाई देर रात तक जारी रही। अभी करीब 300 बीघा भूमि ओर बची है, जिस पर सरकारी बोर्ड लगाए जाएंगे।
हुई थी बड़ी कार्रवाई
गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध हाजी इकबाल और उसके पुत्रों व नौकर नसीम के खिलाफ राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस के साथ रविवार को बड़ी कार्रवाई की थी। हाजी इकबाल की 21 करोड़ की बेनामी संपत्ति को कुर्क किया गया था। देर रात होने की वजह से टीमें सरकारी बोर्ड नहीं लगा पाई थी, जिनको सोमवार को लगाया गया है।
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हाजी इकबाल और महमूद अली की शैक्षिक डिग्री की भी होगी जांच
सहारनपुर। पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और उनके भाई पूर्व एमएलसी महमूद अली के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की भी एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। यह पता चला है कि दोनों भाइयों ने फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र फर्जी बनवाए हुए हैं। इन्हीं के आधार पर ये एमएलसी का चुनाव भी लड़ चुके हैं। इस मामले की भी एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। एसएसपी आकाश तोमर का कहना है कि हाजी इकबाल और महमूद अली के शैक्षिक प्रमाणपत्र फर्जी होने की जानकारी मिली है, जिसकी जांच कराई जा रही है। एसआईटी भी मामले की जांच में जुटी है। जांच के दौरान यदि शैक्षिक प्रमाणपत्र फर्जी मिले तो इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी 111 सेल कंपनी बनाई थी, शामिल लोगों पर होगी कार्रवाई
सहारनपुर। एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि हाजी इकबाल ने फर्जी 111 सेल कंपनी बना रखी थी। जिनके जरिए करोड़ों रुपये अवैध तरीके से अर्जित किए गए। इन कंपनियों से ही अपने नौकर नसीम समेत अन्य लोगों के नाम हाजी इकबाल ने अपनी बेनामी संपत्तियों की है। इन कंपनियों में कुछ सफेदपोश लोग भी शामिल है। इन कंपनियों में लेन देन करने वालों, जमानत देने वालों को भी चिह्नित किया जा रहा। जांच के उपरांत हाजी इकबाल के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रडार पर हैं कई संपत्तियां, गिरफ्तारी तय
हाजी इकबाल और उसके पुत्रों, भाई पूर्व एलएलसी महमूद अली तथा अन्य साथियों पर अवैध खनन, लकड़ी की तस्करी तथा लोगों को डरा धमकाकर अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इन पर गैंगस्टर भी लगी है। पुलिस नौकर नसीम को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इस मामले में पूर्व ब्लॉक प्रमुख राव लइक को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जिनको चार दिन पूर्व न्यायालय से जमानत मिल गई थी और वह जेल से बाहर आ गए। वहीं, सीबीआई और ईडी की जांच में हाजी इकबाल एवं उसके भाई तथा पुत्रों के नाम पर ग्लोकल यूनिवर्सिटी भी कार्रवाई की जद में है, जिसको प्रशासन कभी अपने कब्जे में ले सकता है।
वहीं, पुलिस सूत्रों की माने तो अभी हाजी इकबाल की कई संपत्तियां पुलिस-प्रशासन के रडार पर हैं, जिनको भी कुर्क किया जाएगा। इन मामलों में जल्द ही हाजी इकबाल और उसके साथियों की गिरफ्तारी होना भी तय है। पुलिस हाजी इकबाल के सहारनपुर, दिल्ली, नोएडा सहित अनेक जनपदों में स्थित ठिकानों को भी चिह्नित कर चुकी है।

शेरपुर पेलो में हाजी इकबाल की बेनामी संपत्ति को लेकर एनाउंसमेंट करता पुलिसकर्मी- फोटो : SAHARANPUR

बेहट के शेरपुर पेलो में मुनादी कराते सीओ चित्रांशु गौतम- फोटो : SAHARANPUR

शाहपुर गाड़ा में मुनादी करता ढोल वाला- फोटो : SAHARANPUR

शाहपुर गाड़ा में हाजी इकबाल की बेनामी संपत्ति पर सरकारी बोर्ड लगवाते सीओ व तहसीलदार।- फोटो : SAHARANPUR

हाजी इकबाल की बेनामी संपत्ति पर बोर्ड लगवाते अधिकारी- फोटो : SAHARANPUR

बेहट के गांव शाहपुर गाड़ा में हाजी इकबाल की बेनामी संपत्ति पर लगाये जाने वाली सरकारी बोर्ड पर खसर- फोटो : SAHARANPUR

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