देवबंद (सहारनपुर)। उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी द्वारा बनाई जा रही फिल्म आयशा को लेकर देवबंदी उलमा और जमीयत उलमा-ए-हिंद ने कड़ा ऐतराज जताया है। जमीयत का कहना है कि हजरत-ए-आयशा हमारी रुहानी मां हैं, ऐसी फिल्म को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जमीयत इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी।
जमीयत उलमा-ए-हिंद (मौलाना अरशद मदनी गुट) के नगर महासचिव मौलाना खादिमुल इस्लाम ने रिजवी की फिल्म आयशा की निंदा करते हुए सरकार से इस पर प्रतिबंध लगाने और वसीम रिजवी के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि हजरत-ए-आयशा सिद्दीका के बारे में मुसलमानों का यह इमान है कि वो हमारी रुहानी मां है। जिनके बारे में मुसलमान कभी कुछ भी बर्दाश्त नहीं कर सकता। क्योंकि यह हमारे इमान का मसला है। उन्होंने कहा कि चाहे वसीम रिजवी हो या कोई दूसरा। जमीयत ऐसे लोगों का हर स्तर पर विरोध करेगी और फिल्म पर प्रतिबंध लगाने व रिजवी पर कार्रवाई करने को जमीयत उलमा विरोध प्रदर्शन करेगी। जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि वसीम रिजवी विवादित व्यक्ति हैं और उनका उद्देश्य मुल्क का माहौल खराब करना है और वह बार बार यह कोशिश भी करते हैं। सरकार को चाहिए कि वह फिल्म आयशा पर पाबंदी लगाए और रिजवी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करे।
मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि हजरत-ए-आयशा हमारी मां हैं और मुसलमान इस फिल्म को बर्दाश्त नहीं करेंगे। रिजवी का मकसद मुल्क का माहौल खराब करना है। उलमा बार बार सरकार से मांग करते आ रहे हैं कि ऐसे लोगों पर कार्रवाई करें, जो मुल्क का अमनो अमान खराब कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने आज तक कोई कार्रवाई रिजवी पर नहीं की। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मामले का संज्ञान लेकर हिंदू मुस्लिम भाईचारे को तोड़ने वाले और माहौल खराब करने का प्रयास करने वाले पर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की।
मौलाना मुफ्ती खादिमुल इस्लाम- फोटो : DEVBAND
मुफ्ती असद कासमी- फोटो : DEVBAND