सहारनपुर। जनपद में चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य बढ़कर 303 करोड़ रुपये हो गया है। भुगतान में सबसे पीछे गांगनौली चीनी मिल पर 168.37 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हैं।
दरअसल, समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कराने के तमाम प्रयास विफल साबित हो रहे हैं। जनपद की देवबंद को छोड़कर अन्य चीनी मिलों पर गन्ना मूल्य अवशेष है। मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य भुगतान करने का नियम है। इसके बाद भुगतान करने वाले बकाया गन्ना मूल्य पर 15 फीसदी की दर से ब्याज देने का प्रावधान है। किसानों को ना तो समय पर गन्ना मूल्य भुगतान ही मिल रहा है और ना ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज ही उन्हें प्राप्त हो रहा है। इसके चलते किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
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किसान बोले
- इसाकपुर निवासी पलटूराम का कहना है मिल गन्ना मूल्य भुगतान में कोताही बरत रही है। इससे आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फसल में लागत लगाने के लिए भी इधर-उधर से पैसे का इंतजाम करना पड़ रहा है।
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- सोहनचिड़ा निवासी जुल्फिकार उर्फ सुक्कड़ ने बताया कि शुगर मिल गन्ने का भुगतान धीमी गति से कर रहा है। इस कारण फसल की लागत, घर की जरूरत, बच्चों की पढ़ाई का खर्च पूरा करना मुश्किल हो रहा है।
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- पठानपुरा निवासी किसान चौधरी वसीम का कहना है समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। किसानों को ब्याज सहित बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराया जाए। ऐसा नहीं होने पर बिजली बिल, किसान क्रेडिट कार्ड आदि ऋण भी ब्याज मुक्त किए जाएं।
- रामपुर मनिहारान के किसान सोमपाल सैनी ने बताया कि समय पर गन्ने का भुगतान नहीं होने से किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। इससे रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की स्कूल फीस तक के लिए परेशानी है।
एक नजर में बकाया गन्ना मूल्य
मिल बकाया करोड़ में
गांगनौली - 168.37
शेरमऊ - 23.99
गागलहेड़ी - 24.61
टोड़रपुर 31.12
बिड़वी - 15.47
नानौता - 30.67
सरसावा 23.19
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नोट: गन्ना विभाग के 22 फरवरी के आंकड़े।
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वर्जन
जनपद में सबसे अधिक 168.37 करोड़ रुपये गांगनौली चीनी मिल पर बकाया हैं। सभी चीनी मिलों को गन्ना मूल्य भुगतान की गति को बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। बकाया भुगतान में कोताही बरतने वाली चीनी मिलों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
- सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी।