सहारनपुर। गणेश चतुर्थी को लेकर महानगर में तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार से घर-घर शुभ मुहूर्त में गणपति बप्पा विराजेंगे। इसके लिए रविवार देर शाम तक महानगर के बाजारों में खरीदारी हुई।
महाराष्ट्र का प्रसिद्ध गणपति महोत्सव उत्तर भारत में भी श्रद्धालुओं बीच लोकप्रिय हो चुका है। बप्पा को घर बुलाने के लिए श्रद्धालुओं ने विशेष तैयारी की है। इसके साथ ही महानगर की मुख्य सड़कों पर भी विभिन्न भावों वाले भगवान गणेश श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बाजारों में भगवान गणपति की प्रतिमाओं के साथ सजावटी सामान और पूजन सामग्री की दुकानें सज गई हैं। कारीगर प्रतिमाओं पर रंग भरने के साथ ही उनकी साज-सज्जा और बारीक कलाकारी को पूरा करने में व्यस्त हैं। प्रतिमाएं बनाने वाले कारीगर ललित कुमार अपनी कला और मेहनत से भगवान गणेश की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रतिमाओं को पहले निर्धारित आकार दिया जाता है, इसके बाद रंगों और आकर्षक डिजाइनों के जरिये उन्हें भव्य स्वरूप प्रदान किया जाता है। गणपति की प्रतिमाओं पर मुकुट, आभूषण, वस्त्र और अन्य सजावटी सामग्री लगाने का काम भी तेजी से चल रहा है। श्रद्धालु अपनी इच्छा के अनुसार एक से लेकर 11 दिनों तक बप्पा को अपने घर पर प्रतिस्थापित करते हैं। इसके साथ ही सोमवार को हरतालिका तीज का पर्व भी मनाया जाएगा। श्री बालाजी ज्योतिष केंद्र के ज्योतिषाचार्य अमित चतुर्वेदी बताते हैं कि हरतालिका तीज पर महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन कर अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। गणपति बप्पा को स्थापित करने का मुहूर्त सोमवार को सुबह 11.02 से दोपहर दो बजे तक हैं। शास्त्रों के अनुसार इस समय में अभिजीत मुहूर्त व सिद्ध मुहूर्त भी रहेंगे। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के साथ बप्पा को विदाई दी जाएगी।