सहारनपुर। कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को भांपते हुए शासन ने तीन और चार जनवरी को फुल रिहर्सल के आदेश जारी किए हैं। फुल रिहर्सल करने के पीछे मकसद कमियों को चिह्नित कर समय रहते दूर कर लेना है, जिससे जरूरत पड़ने पर कोई समस्या मरीजों खासकर बाल मरीजों के इलाज में ना आए। खास बात यह है कि फुल रिहर्सल में यदि संभव हो सका तो कोरोना के असली मरीज को इलाज देकर देखा जाएगा। इसके केवल चिकित्सा विभाग के अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मी ही शामिल नहीं रहेंगे, बल्कि जिला स्तर पर जिला अधिकारी की भी जिम्मेदारी तय की गई है। यह रिहर्सल प्रदेश के 75 जनपदों में होगी। खास बात यह है कि रिहर्सल सात घंटे की होगी, जो सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक चलेगी। पेश है रिपोर्ट...
यहां होगी फुल रिहर्सल
फुल रिहर्सल कोरोना के इलाज के लिए तैयार किए गए पीआईसीयू, सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों में तैयार कोविड वार्डों, आइसोलेशन वार्डों, पैथोलॉजी लैब, ब्लॉक स्तरीय चिकित्सालयों जैसे सीएचसी आदि पर होगी। सहारनपुर में जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और राजकीय मेडिकल कॉलेज के साथ ही सीएचसी फतेहपुर पर वार्ड तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा ग्लोकल मेडिकल कॉलेज और आठ अन्य निजी अस्पतालों को तैयार रहने के लिए कहा गया है।
रिहर्सल में यह रहेंगे शामिल
फुल रिहर्सल में राज्य द्वारा नामित अधिकारियों के साथ ही स्थानीय स्तर के नामित चिकित्सा अधिकारी, कोविड ड्यूटी के लिए तैयार किए गए चिकित्सक, नर्स, वार्ड ब्वाय, कोविड वार्डों में काम करने वाले सफाईकर्मी, एंबुलेंस चालक, फैसिलिटी पर तैनात फार्मासिस्ट व लैब टैैक्नीशियन शामिल होंगे।
इन व्यवस्थाओं की होगी परख
कोरोना के नए वैरिएंट को देखते हुए रिहर्सल में सर्विलांस गतिविधियों, ऑक्सीजन प्लांट की क्रियाशीलता, जिसमें उनको चलाकर उससे उत्पादित होने वाली ऑक्सीजन की समय-समय पर रीडिंग की जाएगी। बीएसएल-2 प्रयोगशालाओं में जांच मशीनें चल रही हैं या नहीं? दवाएं उपलब्ध हैं या नहीं, लैब में स्टाफ पूरा है या नहीं तथा कितनी जांच अभी तक हुई हैं। यह भी देखा जाएगा।
जिलाधिकारी करेंगे समीक्षा
फुल रिहर्सल के बाद जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में फुल रिहर्सल में संपादित गतिविधियों में चिह्नित कमियों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही सामने आने वाली कमियों को शीघ्र दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा, जिससे खामियों को समय रहते दूर किया जा सके।
अभी तक पीआईसीयू में मॉकड्रिल की जाती थी, लेकिन अब शासन ने फुल रिहर्सल करने के लिए कहा है, जिसमें कोरोना से निपटने की तमाम तैयारियों को परखा जाएगा। खास बात यह है कि इसमें कोरोना के असली मरीज को इलाज दिया जाएगा।
- डॉ. संजीव मांगलिक, सीएमओ