फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टायर जलाकर कचरे में केमिकल मिलाकर बना रहा थे ईंधन

विज्ञापन
विज्ञापन
टायर जलाकर कचरे में केमिकल मिलाकर बना रहा थे ईंधन
विज्ञापन

सहारनपुर। ईंट भट्ठों पर पॉलिथीन और टायर स्क्रैप जलाना प्रतिबंधित हुआ तो शातिरों ने टायर, कचरा और केमिकल मिलाकर ईंधन बनाना शुरू कर दिया। इसका खुलासा घोघरेकी गांव में सोमवार को आग की घटना होने और ग्रामीणों द्वारा हंगामा करने पर हुआ। पुलिस और दमकल के अधिकारियों ने टीम सहित मौके पर जांच की और फोरेंसिक टीम को बुलाकर केमिकल का नमूना भी लिया।
दरअसल, घोघरेकी गांव के ग्रामीणों ने सोमवार रात पुलिस और दमकल विभाग को सूचना देकर बताया कि गांव के बाहरी छोर पर कुछ लोग केमिकल और राख मिलाकर कोई पदार्थ बनाते हैं। इस दौरान टायर स्क्रैप सहित कचरे भी जलाते हैं। इससे बदबू आती है साथ ही प्रदूषण के चलते ग्रामीणों को सांस लेने में तकलीफ होती है। रात में ही पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंची। एसपी सिटी विनीत भटनागर, मुख्य अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह, देहात कोतवाली प्रभारी उमेश रोरिया सहित अन्य लोगों ने छानबीन कराई। फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। देर रात तक दमकल की टीमों ने पानी का छिड़काव कराकर गंध का प्रभाव कम किया तथा वहां मौके पर लगी आग भी बुझाई। टीम को मौके से करीब 40 ड्रम बरामद हुए हैं। जिनमें केमिकल भरे हुए हैं। फोरेंसिक टीम ने इसका नमूना लिया है।
विज्ञापन

- छानबीन में यह बातें आई सामने
घोघरेकी में चल रहे इस गोरखधंधे के आरोपी पुराने टायरों का स्क्रैप इकट्ठा कर उसे जलाकर तेल निकालते थे। इस तेल और एक अन्य केमिकल के साथ कचरे को मिलाकर गोलेनुमा ईंधन तैयार किया जा रहा था। प्रारंभिक पड़ताल में पता चला है कि इस तरह के ईंधन का प्रयोग ईंट भट्ठों पर ईंट पकाने में किया जा रहा है, जिस कारण यह ईंधन यहां तैयार करके ईंट भट्ठों पर सप्लाई किया जा रहा था।
- कहां सोते रहे जिम्मेदार अफसर
एक तरफ प्रदूषण नियंत्रण को लेकर तमाम कवायदें चल रही हैं। पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। लेकिन घोघरेकी में टायर स्क्रैप और कचरा जलाया जा रहा था। प्रशासन से लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम के अधिकारी तक चुप्पी साधे रहे।
विज्ञापन

घोघरेकी गांव में देर रात टीम के साथ वह भी मौके पर गए थे। केमिकल का नमूना लिया गया है, जांच होने पर पता चलेगा कि कौन सा केमिकल इस्तेमाल हो रहा था। टायर जलाने या कचरा जलाने के बारे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से कार्रवाई होनी चाहिए। -- विनीत भटनागर, एसपी सिटी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें