सहारनपुर। नकुड़ थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय लकड़ी चोर गिरोह के चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। तीन आरोपी रात के समय पहाड़ों से खैर की लकड़ी चोरी कर चंडीगढ़ में अपने साथी को जाकर बेचते थे। आरोपियों की निशानदेही पर बड़ी मात्रा में खैर की लकड़ी, नकदी व अन्य सामान बरामद हुआ है।
एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि नकुड़ थाना पुलिस ने सूचना के आधार पर देहरादून के कुल्हाल गांव निवासी नाजिम पुत्र ईशा, हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के मिसरवाला गांव निवासी नसीम पुत्र दसौंधी खान और मिर्जापुर थाना क्षेत्र के जानीपुर माजरी निवासी शहजाद पुत्र साजिद को गिरफ्तार किया है। उनके साथ पंजाब के रोपट जिले के फिरोजपुर निवासी जितेंद्र पुत्र देवेंद्र सिंह को भी गिरफ्तार किया गया। आरोपी अंतरराज्यीय लकड़ी तस्कर है, जो रात के समय खैर के पेड़ों को काटकर उनकी तस्करी करते हैं। आरोपियों की निशानदेही पर जैनपुर गांव से चोरी हुई आठ क्विंटल खैर की लकड़ी, एक लाख पांच हजार रुपये, टाटा पिकअप, स्विफ्ट कार, बाइक और अन्य सामान बरामद हुआ है।
इस तरह करते थे लकड़ी की चोरी
आरोपी नाजिम, नसीम और शहजाद ने बताया कि वह तीनों शिवालिक की पहाड़ियों व आसपास के जंगलों में दिन में रेकी करते थे। इसके बाद रात में खैर के पेड़ों को काटकर पिकअप में भरकर ले जाते थे। पुलिस से बचने के लिए लकड़ी से भरी पिकअप के आगे व पीछे बाइक और कार लेकर दूसरे साथी चलते थे। चंडीगढ़ के लकड़ी माफिया जितेंद्र ने आरोपियों को अपनी कार दे रखी थी। पिछले माह 11 जून की रात भी आरोपियों ने जैनपुर गांव से खैर के चार पेड़ काटे थे।
वह लकड़ी चंडीगढ़ ले जाकर अपने साथी जितेंद्र को एक लाख 45 हजार रुपये में बेची थी। 45 हजार रुपये नकद मिल थे, जबकि एक लाख रुपये जितेंद्र ने बाद में देने का वादा किया था। करीब आठ क्विंटल लकड़ी पिकअप में नहीं आई थी, जिसे उन्होंने पास में ही बंद पड़े भट्ठे में झाड़ियों में छिपा दी थी। बृहस्पतिवार को तीनों आरोपी हथिनीकुंड बैराज के पास मिलकर उस लकड़ी को लेने जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। लकड़ी माफिया जितेंद्र भी चंडीगढ़ से उन्हें एक लाख रुपये देने के लिए आ रहा था। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।