सहारनपुर। मिर्जापुर क्षेत्र के एक फार्म हाउस में राखी कश्यप की बेरहमी से हत्या की गई थी। आरोपियों ने पहले उसका गला रेता, फिर सीने और पीठ पर भी चाकू से कई वार किए। खून अधिक बहने से मस्तिष्क ने काम करना बंद कर दिया था, जो मौत का कारण बना। इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। हालांकि परिजनों ने शव गांव में लेकर जाने की बजाय सहारनपुर में ही अंतिम संस्कार कर दिया।
पुलिस के मुताबिक 27 अप्रैल को युवती का शव नौगांवा गांव स्थित रजबहे में मिला था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आसपास और अन्य जिलों में पहचान कराने का प्रयास किया। जब पहचान नहीं हुई तो घटना के अगले दिन शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चाकू से वार की पुष्टि हुई। पहले गला रेता गया, फिर सीने में चाकू घोंपा गया। इसके साथ ही पीठ पर भी चाकू से दो-तीन वार किए गए। यह वार तब तक किए गए जब तक दम नहीं तोड़ा। शरीर में अधिक घाव के चलते मस्तिष्क के किसी भी हिस्से में रक्त की आपूर्ति नहीं हुई, जिसके चलते मौत हुई।
बृहस्पतिवार को पुलिस ने शव की पहचान राखी कश्यप के रूप में की थी, जो बागपत की रहने वाली थी। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी और सहारनपुर बुलाया। शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया था। शुक्रवार को परिजन सीधे जिला अस्पताल पहुंचे और शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद पुलिस ने अपनी निगरानी में हकीकत नगर स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कराया। इस दौरान मृतका का भाई विकास और अन्य परिजन मौजूद रहे। पुलिस ने साक्ष्य के लिए अंतिम संस्कार की वीडियोग्राफी भी की।
दो साल से विक्रांत के संपर्क में थी राखी
विक्रांत की शादी हो चुकी थी। उसकी पत्नी सिंचाई विभाग नोएडा में कार्यरत हैं। एक बेटी है। विक्रांत के लापता होने के दिन उनकी पत्नी ड्यूटी पर नोएडा गई थी। बताया जा रहा है कि करीब दो साल से राखी अपने प्रेमी विक्रांत के संपर्क में थी। लगातार दोनों की मोबाइल फोन पर बात होती रहती थी। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आ रहा है कि राखी कश्यप करीब सात साल से अपने घर नहीं गई थी।