सर्किट हाउस में स्मार्ट सिटी बोर्ड की बैठक लेते कमिश्नर लोकेश एम
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सहारनपुर। मंडलायुक्त लोकेश एम ने कहा कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत होने वाले किसी भी कार्य को करने से पहले बोर्ड से अनुमोदन लेना होगा। साथ ही कार्यदायी संस्था को बोर्ड के समक्ष प्रजेंटेशन देना होगा। उसके बाद बोर्ड ऐसे प्रोजेक्ट की उपयोगिता के आधार पर विचार-विमर्श करके यदि सहमति देता है तो ही उस प्रोजेक्ट पर कार्य होगा।
शुक्रवार को सर्किट हाउस में स्मार्ट सिटी बोर्ड बैठक की अध्यक्षता कर रहे मंडलायुक्त लोकेश एम ने कहा कि स्मार्ट सिटी के सभी कार्यों में प्रोटोकाल का शत-प्रतिशत पालन किया जाए। बिना बोर्ड की अनुमति के कार्य शुरू कराए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी में जो कार्य हुए है, उनका किसी तृतीय पक्ष (किसी अन्य एजेंसी) से निरीक्षण कराकर ही भुगतान किया जाए। ई-लाईब्रेरी एवं स्मार्ट क्लास रूम के कार्य में निविदा धारक अति शीघ्र डिजाइन बनाकर अगली बोर्ड बैठक में प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि कार्य में देरी करने वाली कार्यदायी संस्थाओं को भविष्य में कार्य न दिए जाने पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर में बनने वाले स्मार्ट रोड में तेजी लाई जाए। अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कहीं पर भी कार्य का दोहरीकरण जैसी घटना न हो। दाल मंडी पुल, सब्जी मंडी पुल तथा चतरा पुल का प्रेजेंटेशन तैयार कर बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाए जा रहे पुलों की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। बैठक में महापौर संजीव वालिया, जिलाधिकारी अखिलेश सिंह, नगर आयुक्त ज्ञानेंद्र सिंह तथा कार्यदायी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
एसडीए तय करेगा जगह
शहर में बनने वाली मल्टीलेवल पार्किंग के लिए सहारनपुर विकास प्राधिकरण को जगह चिह्नित करनी होगी। मंडलायुक्त ने कहा कि पार्किंग के लिए सहारनपुर विकास प्राधिकरण एक रिपोर्ट प्रस्तुत करे कि कहां पर पार्किंग बनाने से अधिक लाभ होगा।
पहले खरीदी मशीनों का तकनीकी टीम करेगी निरीक्षण
मंडलायुक्त ने कहा कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत जो भी मशीनें अब तक खरीदी गई हैं, उनका तकनीकी टीम से निरीक्षण कराया जाए। टीम निरीक्षण कर जल्दी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। यदि रिपोर्ट सकारात्मक पाई जाती है, तो ही अन्य नई मशीनें खरीदने की अनुमति दी जाएगी।