फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बड़कलां रेंज के जंगल में अब आजाद घूमेगी मादा गुलदार

विज्ञापन
विज्ञापन
छुटमलपुर (सहारनपुर)। तीन दिन से कैलाशपुर स्थित वन रेंज परिसर में पिंजरे में बंद मादा गुलदार को शुक्रवार की सुबह खुली हवा में सांस लेने के लिए बड़कला रेंज के जंगल में आजाद कर दिया गया। उधर, छह टीमों की रात दिन की मशक्कत के बावजूद शावक का पता नहीं चल सका है। शुक्रवार को भी दिन भर विभाग के कर्मचारी उसकी तलाश में वन में खाक छानते रहे।
विज्ञापन

सोमवार की सुबह सामाजिक वानिकी की कैलाशपुर वन रेंज के गांव बुढ्ढाखेड़ा पुंडीर के खेतों में मादा गुलदार और दो शावक दिखाई दिए थे। इस दौरान उत्तेजित ग्रामीणों ने एक साल के शावक को धारदार हथियारों तथा डंडों से मार डाल था। इस मामले में एक नामजद सहित 25 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। शावक की मौत के बाद मादा गुलदार और उसके दूसरे शावक की तलाश के लिए वनकर्मियों ने पिंजरे लगाए। इस दौरान मादा गुलदार तो पकड़ ली गई लेकिन शावक हाथ नहीं आए। अपने शावकों के बिछड़ने के बाद मादा गुलदार हिंसक हो गई थी। जिस कारण उसके पिंजरे को कैलाशपुर स्थित डॉ. अंबेडकर पार्क में कपड़े से ढक कर रखा गया था। तीन दिन तक लगातार उसका चिकित्सीय परीक्षण कर स्वस्थ पाए जाने तथा उसके व्यवहार में उग्रता कम होने पर शासन के निर्देश के बाद शुक्रवार की सुबह उसे जंगल में छोड़ दिया गया।
एसडीओ शिवालिक श्वेता सैन ने बताया कि मादा गुलदार को बड़कलां बादशाहीबाग वन रेंज की करौंदी बीट के जंगल में छोड़ा गया है। उसके शावक की तलाश जा रही है। इसके लिए छह वन रेंजरों की टीम लगी है। शुक्रवार को भी हांगा देकर और जाल लगा कर गन्ने के खेतों में शावक की तलाश की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें