मुजफ्फरनगर। पंचायत राज विभाग की ओर से जनपद के 10 अभ्यर्थियों की नियुक्ति ग्राम पंचायत अधिकारी पद पर की गई है। गांव तुरहेड़ी निवासी मैकू ने भी नौकरी हासिल की। उसके पिता गांव के प्रशासक (प्रधान) हैं, जबकि छोटा भाई पंचायत विभाग में ही सफाई कर्मचारी है। केल्लनपुर का अनुज सिपाही की नौकरी छोड़कर आया। वह कहता है कि बुजुर्ग मां-बाप अकेले पड़ गए थे, इसी वजह से अपने जनपद लौटने का फैसला किया।
जानसठ क्षेत्र के गांव तुरहेड़ी निवासी मैकू ने बताया कि वह बीकॉम पास है। उसका चयन 2016 में रेलवे ग्रुप डी के पद पर हो गया था। पाबली खास मेरठ में उसकी पोस्टिंग हुई। पिता रतिभान ग्राम प्रधान (प्रशासक) हैं, जबकि छोटा भाई गांव नंगला खेप्पड़ में पंचायत सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत है। लगातार प्रयास के बाद उसे ऊंचे ग्रेड पे संवर्ग में नौकरी मिली है। रेलवे में वेतन कम मिला, जिस कारण परेशानी उठानी पड़ रही थी।
संस्कृत से एमए कर हिमानी ने लिख दी सफलता की कैमिस्ट्री
गांधी कॉलोनी निवासी हिमानी ने संस्कृत से एमए करने के बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की। पांच घंटे प्रतिदिन पढ़ाई कर उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी पद की नौकरी हासिल की। इसके अलावा वह जूनियर असिस्टेंट की लिखित परीक्षा भी पास कर चुकी हैं।
शिक्षक बनने का सपना, बन गई अधिकारी
खतौली निवासी साक्षी की प्राथमिकता में ग्राम पंचायत अधिकारी पद पर नियुक्ति के बावजूद शिक्षण कार्य है। साक्षी बताती हैं कि वह एमएससी, बीएड और बीटीसी हैं। लेखपाल की परीक्षा भी पास कर चुकी हैं लेकिन उसका सपना शिक्षक बनने का है। ग्राम पंचायत अधिकारी बनने के बाद यदि उसे मौका मिला तो वह शिक्षण को ही प्राथमिकता देंगी।
बुजुर्ग मां-बाप की सेवा के लिए लौट आया
केल्लनपुर के अनुज कुमार ने बताया कि उसने कैमिस्ट्री से एमएससी की है। उसका चयन यूपी पुलिस में कांस्टेबल के पद पर हुआ। वर्तमान में उसकी पोस्टिंग संभल में है। वह अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र है। घर से दूर होने के कारण माता-पिता की देखभाल नहीं हो पा रही थी, इसलिए अपने जनपद में ग्राम पंचायत अधिकारी की नौकरी को तरजीह दी।