संवाद न्यूज एजेंसी
चिलकाना। कस्बे की मस्जिद कुरैशियान के इमाम मौलाना मुअव्वज ने रमजान का चांद दिखाई देने पर सभी को बधाई देते हुए रमजान की फजीलत के बारे में जानकारियां दी हैं। उन्होंने बताया कि रोजा सब्र एवं इंसानियत का पैगाम देता है।
बुधवार को रमजान का चांद दिखाई देने पर मौलाना ने कहा कि रमजान उल मुबारक का महीना उम्मते मुसलमा के लिए अल्लाह की तरफ से बहुत बड़ा इनाम है। इसके रोजों को फर्ज करार दिया गया है और तरावीह को सुन्नत मोकादा फरमाया है। उन्होंने कहा कि इस महीने में जब आदमी एक नेकी करता है, तो उसको 70 नेकी करने का सवाब दिया जाता है। अल्लाह की तरफ से नेकियों की अहमियत बढ़ा दी गई।
रमजान में रोजाना 10 लाख जहन्नमियों को आजाद करके जन्नत में दाखिल किए जाते हैं। उन्होंने फरमाया कि यह गमखवारी का महीना है। इसमें गरीब लोगों के साथ हमदर्दी करनी चाहिए और अपने मालों की जकात से गरीब लोगों की जरूरत पूरी करनी चाहिए। इससे हमारे माल की हिफाजत की जिम्मेदारी खुद अल्लाह ने ली है और यह सब्र का महीना है।
रोजा रखने में जो मशक्कत और दुश्वॉरी पेश आए, उस पर सब्र करके बर्दाश्त से काम लें। किसी से बद कलामी बद जुबानी हरगिज़ न करें। अपने आप को समझा लो आज मेरा रोजा है।