Farmers' sugar mills holding Rs 767.70 crore of farmers
सहारनपुर। शासन-प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद किसान बकाया गन्ना मूल्य पाने के लिए तरस रहे हैं। मंडल की 19 शुगर मिलें किसानों का 767.70 करोड़ रुपये से अधिक दबाए बैठी हैं। इसके साथ ही बकाया गन्ना मूल्य पर 162 करोड़ रुपये से अधिक ब्याज हो गया है। सबसे अधिक बकाया मिलों पर सहारनपुर में है।
प्रदेश सरकार ने वादा किया है कि पूरा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान शुगर मिलों के नए पेराई सत्र से पहले करा दिया जाएगा। गन्ना खरीद अधिनियम के अनुसार मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर किसान के खाते में गन्ना मूल्य भेजा जाना चाहिए। इसके बाद भुगतान करने पर 15 प्रतिशत की दर से बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का प्रावधान है। इन नियमों के बावजूद भी किसानों को समय से गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हो पाता। जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति बदहाल हो रही हैं। गांव सहजवा के किसान बिट्टू नंबरदार, बुढ्ढाखेड़ा गुर्जर के कल्याण सिंह और भाकियू के महानगर अध्यक्ष चौधरी मुकेश तोमर का कहना है कि समय से गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होने से किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके चलते किसान रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर बीमारियों के इलाज के लिए कर्ज लेने को मजबूर हो जाते हैं। उन्होंने ब्याज सहित बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने की मांग की है।
उप गन्ना आयुक्त डॉक्टर दिनेश्वर मिश्र ने बताया कि नया पेराई सत्र शुरू होने से पहले पूरा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करा दिया जाएगा। इसके लिए शुगर मिलों से कार्य योजना ली गई हैं। जल्द बकाया भुगतान के लिए शुगर मिलों पर दबाव बनाया हुआ है।
मंडल में बकाया गन्ना मूल्य एक नजर में
जनपद---------------बकाया
सहारनपुर-------------233.59 करोड़ रुपये
मुजफ्फरनगर----------220.23 करोड़ रुपये
शामली--------------313.86 करोड़ रुपये
गन्ना विभाग के एक अक्तूबर के आंकड़ों के अनुसार