नागल (सहारनपुर)। शनिवार को चक मार्ग के मुआवजे की मांग को लेकर मीरपुर रेलवे फाटक के पास किसानों ने धरना प्रदर्शन किया। उनका कहना था जब तक उनकी समस्या का नहीं होता रेल माल गलियारे पर पोल नहीं गड़ने देंगे।
बताते चलें कि शुक्रवार को किसानों ने रेल गलियारे पर विद्युतीकरण के लिए लगाए जा रहे पोल के कार्य को रुकवा दिया था। किसानों कहना है कि करीब 10 साल पूर्व उनकी खेतों में जाने वाली चकरोड का रेलवे ने अधिग्रहण कर लिया था। इसका पैसा उन्हें आज तक नहीं मिला, जबकि वह पैसा किसान को मिलना चाहिए। ताकि वह अपनी जमीन में से चकरोड छोड़ दें। शनिवार को किसानों को जानकारी मिली कि रेलवे के मजदूर पोल लगाने आ रहे हैं। इस पर किसान मौके पर इकट्ठा होने लगे। कुछ देर बाद वह धरना देकर बैठ गए। किसानों का कहना था कि प्रशासन उनका उत्पीड़न कर रहा है। रेलवे ने जब उनका पैसा प्रशासन के खाते में ट्रांसफर कर दिया है तो वह उन्हें इसका भुगतान क्यों नहीं कर रहा है। कई बार उच्चाधिकारियों से बात भी हुई लेकिन समस्या का हल नहीं हो सका। उन्होंने चेतावनी दी जब तक चकरोड का पैसा उन्हें नहीं मिलता तब तक वह काम नहीं होने देंगे। बाद में एसडीएम देवबंद राकेश कुमार ने किसानों से दूरभाष पर बात कर उनकी समस्या का जल्द ही समाधान कराने का आश्वासन दिया। करीब दो घंटे तक चले धरने में मंडल उपाध्यक्ष भाकियू तोमर चौ वीरेंद्र सिंह, प्रधान प्रतिनिधि राम कुमार वालिया, विजेंद्र सिंह, जगदीश, पवन शर्मा, अंकुश वालिया, अभिलाष चौधरी, अकरम, सुलेमान, राव अशफाक, विशाल वालिया, असलम, बंटी, सिंटू, सनी, मुकेश, मनोज आदि शामिल रहे।