चिलकाना। धान खरीद शुरू हुए एक माह बीत चुका है, लेकिन चिलकाना में स्थापित सरकारी धान खरीद केंद्र पर अभी तक मात्र 100 क्विंटल धान की खरीद हो सकी है। सरकारी औपचारिकताओं के चलते किसान क्रय केंद्राें पर आने से परहेज कर रहे हैं।
चिलकाना में मंडी समिति परिसर में आरएफसी का धान खरीद केंद्र चल रहा है। चिलकाना क्षेत्र धान की पैदावार करने वाला प्रमुख क्षेत्र है। धान की अधिक पैदावार होने के बाद भी किसान धान खरीद केंद्र पर अपना धान लेकर नहीं आ रहा है। आरएफसी के मार्केटिंग इंस्पेक्टर केबी सिंह ने बताया कि क्षेत्र के बड़े किसान अपना धान हरियाणा की तरफ ले जा रहे हैं। छोटे किसान ही यहां अपना धान लेकर आ रहे हैं।
मंडी समिति चिलकाना के सचिव भानु प्रताप सिंह ने बताया कि इस बार अधिकांश किसानों ने अपना धान मशीन से कटवाया है। किसानों ने धान को मशीन से कटवाने के बाद उसी हालत में हरियाणा भेज दिया। जहां उसे अच्छा रेट मिला, जबकि उत्तर प्रदेश की सरकारी खरीद में रजिस्ट्रेशन कराने, झरना लगाने से लेकर उसे सूखने तक की परेशानियों का सामना करना पड़ा।
चिलकाना के मोहल्ला गढ़ी निवासी शाहनवाज ने बताया कि धान सूखा होने के बावजूद भी उसका धान नहीं खरीदा गया। इस कारण से अपना धान दूसरे सेंटर पर तुलवाना पड़ा। इसी प्रकार गांव दानतपुर के दो किसानों को भी धान तुलवाने के लिए अपने धान के साथ एक रात सेंटर पर रहना पड़ा। बताया कि धान खरीद कर्मचारी तीन बजे ही अपना दफ्तर बंद करके चले जाते हैं। खरीद केंद्र के इंचार्ज केबी सिंह ने बताया कि कभी कभी सरकारी काम से सहारनपुर जाना पड़ जाता है, जिस कारण कुछ किसानों को परेशानी हुई होगी।