सहारनपुर। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फरहा फैज ने एक मामले में हाईकोर्ट के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि शादी के लिए धर्म परिवर्तन करना गलत है। अगर दो अलग-अलग मजहब के लोग एक साथ जिंदगी गुजारना चाहते हैं तो देश में स्पेशल मैरिज एक्ट का प्रावधान है, लेकिन पुरुष प्रधानता वाली विचारधारा के कारण अधिकतर मामलों में लड़की को पति पक्ष का ही धर्म अपनाना पड़ता है। बाद में इसे लेकर कई तरह की दिक्कत सामने आती हैं।
रविवार को प्रताप नगर में राष्ट्रवादी मुस्लिम महिला संघ की बैठक में फरहा फैज ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार ने तीन तलाक कानून तो बना दिया, लेकिन दावों के अनुरूप पीड़ित महिलाओं को सुविधाएं और भत्ते आदि नहीं मिले हैं। उन्होंने मिशन शक्ति और महिला सुरक्षा के नाम पर कार्यक्रमों को महज दिखावा बताया।
फरहा फैज ने कहा कि सरकार यह सब करने की बजाय संजीदगी से महिलाओं को सुरक्षा दिलाएं। इनके नाम पर सियासत न की जाए।