सरसावा। पहाड़ों में हो रही बरसात के कारण यमुना नदी में आया पानी का सैलाब ग्रामीणों की मुसीबत का सबब बन गया। ग्रामीणों ने अधिकारियों से नुकसान का मुआवजा दिलाने की भी मांग की।
सोमवार को भी यमुना नदी के पार हरियाणा राज्य में स्थित उतर प्रदेश के राजस्व गांव ढिक्का टपरी में यमुना नदी में आए पानी के उफान में हालात को विकट बनाए रखा। बता दें कि यमुना नदी में पानी के तेज बहाव के चलते ढिक्का गांव की सैकड़ों बीघा जमीन मिट्टी के कटाव के चलते यमुना नदी में समा गई है। जमीन के साथ उस पर खड़ी गन्ना धान आदि की फसल तथा संपर्क मार्ग भी पानी में बह चुका है। ग्रामीणों द्वारा प्रशासन को जानकारी देने के बाद एसडीएम नकुल देवेंद्र कुमार पांडे सिंचाई विभाग के एसडीओ विनोद कुमार अवर अभियंता केके सैनी तथा अन्य कर्मचारी ग्राम दिखा पहुंचे तथा हालात का जायजा लेते हुए ग्रामीणों को मदद का भरोसा दिलाया।
अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों तथा मजदूरों ने प्लास्टिक के कट्टों में बालू भरकर जमीन के किनारे लगाए। साथ ही खेतों से पॉपुलर के पेड़ों को काटकर कटाव वाले स्थान पर कच्चा बांध बनाने की प्रक्रिया आरंभ की। सहकारी चीनी मिल बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष ठा भीम सिह, पूर्व प्रधान सन्नी राणा, रामनाथ, सेवाराम, ठा श्याम सिह, डॉ. अरविंद, ठा नरेश कुमार, छोटा, मुकेश आदि ने प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष ग्रामीणों के नुकसान का मुआवजा दिलाने की भी मांग की।