छुटमलपुर। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की 12 किमी लंबी एलिवेटेड रोड पर करीब 20 दिनों तक वाहनों का संचालन होने के बाद फिर से बंद कर दिया गया। ऐसे में अब पुराने दिल्ली-देहरादून हाईवे से ही वाहनों का संचालन फिर से शुरू किया गया है।
पिछले महीने भारी बरसात के बाद दिल्ली-देहरादून हाईवे पर शिवालिक पहाड़ियों के बीच मलबा आने और पेड़ गिरने से पुराना मार्ग बंद हो गया था। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर गणेशपुर से देहरादून के आशारोड़ी तक बनाई गई 12 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड की एक लेन को वाहनों के लिए खोल दिया गया था। यह एलिवेटेड रोड एशिया का सबसे लंबा वन्य जीव गलियारा भी है। करीब 20 दिन तक इस पर वाहन चालकों ने फर्राटा भरकर रोमांचक सफर का आनंद लिया था। अब इस एलिवेटेड रोड को वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है।
बता दें, कि एलिवेटेड रोड पर माता डाट काली मंदिर जाने के लिए 26 करोड़ रुपये की लागत से 1.3 किलोमीटर लंबे वायाडक्ट का निर्माण एनएचएआई द्वारा कराया जा रहा है। इसके माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली की तरफ से आने वाले श्रद्धालु बिना किसी अवरोध के सीधे माता के भवन तक पहुंचे सकेंगे। यह वायाडक्ट एलिवेटेड रोड के ऊपर से बनाया जा रहा है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा का हवाला देते हुए इसे बंद किया गया है।
हादसों में तीन की हुई थी मौत, दो की कटी थी टांग
एलिवेटेड की एक लेन वाहनों के लिए खोली गई थी। आने जाने वाले वाहन इसी पर चलाए गए थे। नई सड़क पर चालकों ने यातायात नियमों की अनदेखी कर जमकर वाहन दौड़ाए। इसके चलते 20 दिन के अंदर ही सड़क हादसों में दोपहिया वाहन सवार तीन लोगों की मौत हो गई थी। जबकि दो छात्रों के पैर कट गए थे।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए एलिवेटेड रोड बंद किया गया है। नवंबर के मध्य तक वायाडक्ट का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से लोकार्पण की तिथि मिलेगी। उद्घाटन के बाद इसे वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।
- विशाल गुप्ता, क्षेत्रीय अधिकारी, एनएचएआई देहरादून रीजन