सहारनपुर। तेज हवा के साथ शुरू हुई बारिश ने आधे जिले की विद्युत आपूर्ति ठप कर दी। दिन में दस घंटे से अधिक समय तक बिजली नहीं मिलने से लोग गर्मी में बिलबिला उठे। इसके अलावा जलभराव भी समस्या का कारण बना। बारिश 97 एमएम दर्ज की गई।
रविवार की सुबह चार बजे तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई। कुछ ही देर बाद पिलखनी स्थित 220 केवीए के बिजलीघर की आपूर्ति बंद कर दी गई। दिन भर लोग बिजली के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन बिजली नहीं आई।
शहर के हकीमपुरा बिजलीघर की लाइन पिलखनी से ही जुड़ी होने के कारण बिजलीघर से संबंधित करीब एक दर्जन गांवों और कॉलोनियों में लोग परेशान रहे। इनमें ज्ञानागढ़, बिशनपुर, हसनपुर, चकदेवली, हकीमपुरा प्रमुख हैं।
बिजलीघर के कर्मचारियों ने बताया कि पिलखनी की लाइन जंगलों से होकर गुजरती है। हवा और बारिश के कारण बिजली के तारों पर टहनियां गिर जाती हैं, जिससे आपूर्ति बंद हो जाती है। उधर, बारिश के कारण महानगर में जगह-जगह जलभराव भी रहा।
डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम और नगर निगम के बीच से होकर गुजरने वाली सड़क पर डेढ़ फीट तक जलभराव रहा। कलक्ट्रेट परिसर की पार्किंग, जैन कॉलेज रोड, नंदपुरी कॉलोनी, चकदेवली, प्रकाशलोक कॉलोनी, मानकमऊ, विल्सन का बाग आदि जगहों पर भारी जलभराव हुआ।
नदियों का जल स्तर भी तीन से चार फीट तक बढ़ा हुआ नजर आया। बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट रही है। न्यूनतम तापमान में एक और अधिकतम तापमान में 2.2 डिग्री की गिरावट रही। न्यूनतम तापमान 25 और अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहा।
खेती और बागवानी के लिए अच्छी है बारिश
इन दिनों की बारिश खेती के लिए अच्छी बताई जा रही है, क्योंकि इन दिनों धान की रोपाई चल रही है और सहारनपुर में बड़े स्तर पर धान का उत्पादन होता है। किसान अरुण चौधरी और वीरेंद्र सिंह ने बताया कि धान की फसल के लिए बारिश वरदान है। साथ ही गन्ने की फसल भी खड़ी है, जिसको इस समय यानी जून में पानी की बेहद जरूरत है।
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