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देहात क्षेत्रों में बिजली संकट गहराया

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सहारनपुर। गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की खपत बढ़ रही है। शहर में तो हालात काफी हद तक ठीक हैं, लेकिन बेहट में घाड़ क्षेत्र से लेकर देहात के अधिकतर हिस्सों में बिजली संकट बढ़ रहा है। हालांकि इसका कारण ओवरलोड, फाल्ट, जर्जर लाइन सहित अन्य कारण हैं। सामान्य हालात में औसतन छह से सात घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है।
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जिले में पिछले कुछ दिन से अधिकतम तापमान 38 से लेकर 41 के बीच चल रहा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस था। बृहस्पतिवार को यह दो डिग्री सेल्सियस बढ़कर 40 डिग्री तक पहुंच गया है। इतनी गर्मी में बिजली संकट और परेशान कर रहा है।
ये है जिले का बिजली मीटर
- कुल खपत 66 लाख यूनिट
- शहरी क्षेत्र 15 लाख यूनिट
- ग्रामीण क्षेत्र 51 लाख यूनिट
- शहर में निर्धारित आपूर्ति 24 घंटे
- तहसील में निर्धारित 22 घंटे
- ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित 18 घंटे
शहर में बिजली कट -- रोजाना औसतन दो से ढाई घंटे
तहसील में बिजली कट - रोजाना औसतन तीन घंटे
देहात में बिजली कट - रोजाना औसतन तीन से छह घंटे
बिजली कट के कारण - फाल्ट, ओवरलोड और जर्जर लाइनें
आधा घंटा भी आपूर्ति नहीं दे पाया नया ट्रांसफार्मर
रामपुर मनिहारान। इसलामनगर रोड पर तीन दिन से फुंके पड़े विद्युत ट्रांसफार्मर के स्थान पर 17 जून की रात लगाया गया नया ट्रांसफार्मर आधा घंटा भी सप्लाई नहीं दे पाया। ओवरलोड के कारण उसमें फाल्ट होने से आपूर्ति बाधित हो गई। एसडीओ ने बताया कि ओवरलोड होने के कारण यह समस्या आई है।
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गांवों में चल रहा लाइन खींचने का काम, आपूर्ति हो रही बाधित
नकुड़। क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति प्रभावित है। लो वोल्टेज की समस्या भी है। भाकियू के नगराध्यक्ष डा इदरीश अहमद, व्यापारी धीरज सिंघल, मनोज धनगर व अरूण धनगर आदि ने बताया कि बिजली की जर्जर लाइनों के कारण क्षेत्र में आये दिन फाल्ट होते रहते हैं। उधर जेई सुनील कुमार ने बताया कि गांवों के लिए बनाई जा रही अलग लाइनों पर काम चल रहा था। इसके लिए शटडाउन लेने की वजह से ही बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है।
लो वोल्टेज में शोपीस बने उपकरण
सरसावा। इस क्षेत्र में ज्यादा समस्या लो वोल्टेज की है। सरसावा बिजलीघर के अवर अभियंता विजय कुमार के मुताबिक अत्यधिक गर्मी के कारण रेजिस्टेंस कम होने के कारण वोल्टेज कम हो जाती है।
बेहट में आठ से दस घंटे का कट
बेहट। विद्युत उपकेंद्र बेहट देहात, सलेमपुर गदा, रायेपुर, मिर्जापुर, फतेहपुर टांडा, खुरमपुर, संसारपुर आदि से देहात को 18 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे किए जा रहे है, जबकि इस बीच 8 से 10 कट लगने से 15 से 16 घंटे आपूर्ति हो पा रही है। विद्युत उपकेंद्र बड़गांव , मिर्जापुर, जड़ौदापांड़ा आदि से देहात क्षेत्र को 18 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे किए जा रहे है, जबकि हालात बदतर है।
उद्योगों के लिए बेहतर हो विद्युत आपूर्ति
देवबंद। गर्मी बढ़ने के साथ ही निर्बाध बिजली आपूर्ति न होने के कारण वरिष्ठ उद्यमी विजेश कंसल, दीपकराज सिंघल, सुधीर गर्ग बबली, अंकुर कंसल, जर्रार बेग, अय्यूब बेग आदि का कहना है कि अनलॉक-1 में फैक्ट्ररियों को चलाने का समय प्रशासन ने सुबह 7 से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया है। लेकिन कुछ-कुछ देर के बाद हो रही बिजली कटौती से भारी नुकसान हो रहा है।
कुछ गांवों में आठ घंटे ही आपूर्ति
देवबंद। भारतीय किसान संघ के प्रदेश संयोजक श्यामवीर त्यागी, पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा, चौधरी राजपाल सिंह, यशपाल सिंह, चौधरी प्रविंद्र सिंह आदि ने बताया कि गांव में तो बिजली 8-9 घंटे ही मिल पा रही है। एसडीओ अमित त्यागी ने बताया कि गर्मी में बिजली की खपत बढ़ जाती है। सामान्य परिस्थितियों में कोई अनावश्यक कट नहीं लगाया जाता है।
सिंचाई के लिए जनरेटर से नलकूप चला रहे किसान
छुटमलपुर। क्षेत्र के फतेहपुर, बेहड़ा खुर्द, मुजफ्फराबाद आदि स्थानों पर बने 33 केवीए बिजलीघरों से अंधाधुंध कटौती हो रही है। गांवों को दस से 12 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। कसबों को भी मुश्किल से 15 घंटे आपूर्ति हो रही है। वहीं लो वोल्टेज की वजह से नलकूप न चलने पर उन्हें जनरेटर से नलकूप चला कर पानी देना पड़ रहा है। उधर, एसडीओ मुजफ्फराबाद धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि पारेषण केंद्र से ही कट लग रहे हैं।
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