सहारनपुर। गांव-गांव जाकर किसानों को सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए प्रेरित करने के खाद्य विभाग के अधिकारियों के प्रयासों ने असर दिखाना शुरू किया है। इसके चलते गेहूं की सरकारी खरीद ने रफ्तार पकड़ी है। 13 मई तक गत वर्ष की तुलना में इस बार 12028 मीट्रिक टन गेहूं की अधिक खरीद हुई है, जो करीब ढाई गुणा अधिक है।
किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए सरकार फसलों की खरीद कराती है, जिससे किसानों को बाजार में एमएसपी से कम रेट में अपनी फसल बेचने को मजबूर न होना पड़े। जनपद में गेहूं खरीद के लिए 101 क्रय केंद्र खोल रखे हैं। इस बार सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2275 रुपये प्रति क्विंटल घोषित कर रखा है। फिलहाल मंडी में भी इसके आसपास ही भाव चल रहा है। बाजार में सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के आसपास भाव होने के चलते गेहूं की सरकारी खरीद प्रभावित हो रही है। कम खरीद को देखते हुए खाद्य विभाग के अधिकारियों से लेकर क्रय केंद्र प्रभारी तक गांव-गांव जाकर किसानों को सरकारी क्रय केंद्रों पर ही गेहूं बेचने के लिए प्राेत्साहित कर रहे हैं। साथ ही गेहूं बेचने हरियाणा जा रहे किसानों को भी अधिकारियों ने समझाकर क्रय केंद्रों पर गेहूं का तौल कराया है।
जिले में सरकारी गेहूं खरीद की तुलनात्मक स्थिति (मीट्रिक टन)
क्रय एजेंसी क्रय केंद्र - गेहूं खरीद गत वर्ष खरीद
खाद्य विभाग - 11 - 2176.873 410.650
पीसीएफ - 62 10620.133 4153.993
पीसीयू - 17 - -3482.493 - 2622.471
मंडी परिषद - 03 1023.300 - 30.150
एफसीआई - 08 - 2168.660 226.550
योग - 101 19471.459 7443.814
-
नोट: खाद्य विपणन विभाग के 13 मई के आंकड़े मात्रा मीट्रिक टन में।
-
गेहूं खरीद को बढ़ाने के लिए क्रय केंद्र प्रभारियों से लेकर खाद्य विभाग के अन्य अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों को सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। इससे गेहूं खरीद ने गति पकड़ी है। गत वर्ष जहां 13 मई तक कुल 7443.814 मीट्रिक टन गेहूं खरीद हुई थी, जबकि इस बार यह खरीद बढ़कर 19471.459 मीट्रिक टन पहुंच गई है, जो गत वर्ष से करीब ढाई गुणा अधिक है।
- आरपी पटेल, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।