फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पेट्रोलियम पदार्थों की चोरी के मामले में डीएसओ को मिली जमानत

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की पाइप लाइन में सेंधमारी कर डीजल व पेट्रोल चोरी करने के मामले में जेल गए मुजफ्फरनगर के तत्कालीन जिलापूर्ति अधिकारी और कर्मचारी को न्यायालय से जमानत मिल गई है।
विज्ञापन

गत आठ दिसंबर को सरसावा पुलिस और क्राइम ब्रांच एक दर्जन से अधिक आरोपियों पर जेल भेजा था, जो मुजफ्फरनगर के भोपा में एक पेट्रोल पंप पर चोरी का पेट्रोल बेचते थे। एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि इसमें तत्कालीन मुजफ्फरनगर के जिलापूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार की संलिप्तता पाई गई थी। पेट्रोल पंप संचालक ने खुलासा किया था कि डीएसओ अपने कर्मचारी श्रीराम के माध्यम से पेट्रोल पंप से अवैध रूप से धन लेते थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया था। एसएसपी ने बताया कि जानकारी मिली है कि अदालत से तीन दिन पूर्व डीएसओ और कर्मचारी को जमानत मिल गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यह था मामला
आईओसीएल की पाइप लाइन से डीजल व पेट्रोल चोरी करने की घटनाएं लगातार हो रही थीं। जिले में गागलहेड़ी, सरसावा और देहात कोतवाली क्षेत्र में घटनाएं र्हुइं। आरोपियों को पकड़ने के लिए आईओसीएल के अधिकारियों ने उत्तराखंड व यूपी के डीजीपी से मुलाकात की थी। सहारनपुर क्राइम ब्रांच व थाना सरसावा पुलिस ने गांव कादरगढ़ के जंगल से शुभम निवासी गांव सांपली, गुरमीत उर्फ काला, अजय निवासीगण सहजवा कोतवाली रामपुर मनिहारान, संदीप निवासी बांव बोड्ढा थाना छपरौली बागपत, भूपेंद्र सिंह निवासी गांव भूरा कंडेला जनपद शामली, शुभम निवासी मोल्हड़ निवासी गांव ढाढेकी कोतवाली लक्सर जनपद हरिद्वार, उदित कुमार निवासी गांव भोपा मुजफ्फरनगर को पकड़ा था। इनमें गैंग लीडर संदीप था, जिसने पुलिस को बताया था कि हरियाणा के पानीपत रिफाइनरी से सहारनपुर के रास्ते उत्तराखंड जा रही पेट्रोलियम पदार्थ की पाइप लाइन में सेंधमारी कर एक करोड़ से अधिक के डीजल व पेट्रोल चोरी कर चुके हैं। चोरी के तेल को वह भोपा मुजफ्फरनगर में उदित कुमार के पेट्रोल पंप पर बेचते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें