किसानों के आंदोलन की शाहीनबाग से न करें तुलना : राकेश टिकैत
सहारनपुर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि कोरोना तो पूरे देश में फैल रहा है, इससे किसानों के आंदोलन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। गाजीपुर बॉर्डर से किसानों का आंदोलन समाप्त नहीं होगा। किसान कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए धरना देंगे, उनके आंदोलन को शाहीनबाग ना समझा जाए।
राकेश टिकैत बुधवार को सहारनपुर में प्रद्युम्ननगर स्थित भगत सिंह निवास पर पहुंचे। यहां सरदार भगत सिंह के भतीजे किरणजीत सिंह संधू की बेटी अमृता संधू को आशीर्वाद दिया। अमृता संधू की मंगलवार रात ही शादी हुई थी। इस दौरान मीडियाकर्मियों से बातचीत में राकेश ने कहा कि इस लड़ाई का अंत तीनों कानूनों की वापसी, एमएसपी पर कानून बनने और बिजली बिल वापस लेने पर ही होगा। किसानों की जमीन को गिरवी रखवाया जा रहा है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। देश की सरकार को कंपनी चला रही है।
वहीं, भाकियू के अराजनैतिक होने के बावजूद प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार के जिला पंचायत चुनाव लड़ने के सवाल पर राकेश टिकैत ने कहा कि यह चुनाव व्यक्तिगत है, विधानसभा और लोकसभा का नहीं है। वहीं राज्य महिला आयोग की सदस्य डाक्टर प्रियंवदा तोमर द्वारा त्यागपत्र देने पर उन्होंने कहा कि भाजपा नेता भी कैद हैं और घुटन महसूस कर रहे हैं, और भी लोग ऐसे ही छोड़कर आएंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात में भी किसान बर्बाद हो रहे हैं। किसान, नौजवान और देश को बचाने के लिए ही यह आंदोलन चल रहा है। शाहीनबाग से तुलना करने को लेकर उन्होंने कहा कि किसानों ने गाजीपुर बॉर्डर पर अपने मकान बना रखे हैं, किसान उनमें रहेंगे, कोविड गाइडलाइन का भी पालन करेंगे, लेकिन धरने से नहीं उठेंगे।