जिला अस्पताल का ह्दय रोग विभाग में रोगिया के लिये लगे एसी
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सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में बना आईसीयू महानगर के कई प्राइवेट अस्पतालों के आईसीयू को मात दे रहा है। आईसीयू पहले से स्थापित है, लेकिन मिशन कायाकल्प के तहत आईसीयू को पूरी तरह नया बना दिया गया है, जिसमें नए बेड, एसी और वेंटीलेटर भी रखे गए हैं।
जिला अस्पताल का आईसीयू 12 बेड का है। यहां गंभीर मरीजों को रखा जाता है खासकर दिल के मरीजों को भर्ती किया जाता है। मिशन कायाकल्प के तहत पूरे भवन की टूट फूट को ठीक कराया गया है। भवन की रंगाई और पुताई के साथ ही फर्श की जगह अब चमकदार टाइल्स ने ले ली है। छत की सीलिंग और सफेद चमकती दीवारें इसकी सुंदरता पर चांद लगा रही हैं। आईसीयू में कुछ बेड भी नए रखे गए हैं, जो आधुनिक हैं। एसी पहले से थे, लेकिन उनको भी बदलकर नए एसी लगाए गए हैं। यहां नौ वेंटीलेटर की सुविधा उपलब्ध है। पहले कोई भी तीमारदार चप्पल लिए आईसीयू में प्रवेश कर जाता था, लेकिन अब व्यवस्था बनाई गई है। कोई व्यक्ति वार्ड के भीतर चप्पल लेकर नहीं जा सकता है। ऑक्सीजन की बात करें तो ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट से सीधी पाइपलाइन प्रत्येक बेड तक पहुंच रही है। इसके अलावा आपातकाल के लिए सिलिंडर की भी व्यवस्था यहां रखी गई है। आईसीयू को तीन भागों में बांटा गया है, जिसमें ए, बी और सी शामिल हैं। ए और बी में पांच-पांच बेड डाले गए हैं, जबकि सी में दो बेड की व्यवस्था है। चिकित्सा अधिकारियों का दावा है कि महानगर के ज्यादातर प्राइवेट अस्पतालों के पास इतना सुंदर और सुविधाओं वाला आईसीयू नहीं है।
फिजीशियन देते हैं सेवा
आईसीयू में आमतौर पर गंभीर मरीजों को रखा जाता है। दिल के मरीजों को भी यही इलाज दिया जाता है, जिनके लिए ईसीजी की भी सुविधा आईसीयू के भीतर ही है, लेकिन दिल के मरीजों के लिए अलग से विशेषज्ञ चिकित्सक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में फिजीशियन ही यहां सेवा देते हैं।
मिशन कायाकल्प के तहत आईसीयू की सूरत ही बदल दी गई है। पहले से उपलब्ध सुविधाओं को और बेहतर किया गया है। साथ ही नई सुविधाएं भी यहां जोड़ी गई हैं। हम दावा कर सकते हैं कि महानगर के ज्यादातर प्राइवेट अस्पतालों के पास इस स्तर का आईसीयू नहीं होगा।
डॉ. रमेश चंद्रा, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल।