छुटमलपुर (सहारनपुर)। जनसंख्या नियंत्रण को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा पंचायतों में दो से अधिक बच्चों वालों के चुनाव लड़ने पर रोक संबंधी अटकलों को लेकर चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों में खलबली मची है। सबसे ज्यादा दिक्कत दो से ज्यादा बच्चों वाले ऐसे दावेदारों को हो रही है जो पिछले काफी समय से पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं।
चुनाव लड़ने का अधिकार सबको बराबर मिलना चाहिए
खुजनावर के प्रधान राव नौशाद कहते हैं कि वे इस कानून के खिलाफ हैं। हालांकि उनके दो ही बच्चे हैं, लेकिन इस कानून अच्छे प्रत्याशियों को भी चुनाव मैदान से हटना पड़ेगा। वैसे भी चुनाव लड़ने का अधिकार सबको बराबर मिलना चाहिए।
दो से अधिक बच्चे होने पर पंचायत चुनाव लड़ने के कानून के खिलाफ
रंडोल के प्रधान राजेश कुमार का कहना है कि वह इस कानून के खिलाफ हैं। सरकार बेशक कानून बनाए, लेकिन जिनके पहले से ही दो से ज्यादा बच्चे हैं, उन पर इसे लागू न करें।
चुनाव लड़ने के लिए शैक्षिक योग्यता को निर्धारित करें
गागलहेड़ी के प्रधान फरमान अली ने कहा कि दो बच्चों से अधिक वाले को पंचायत चुनाव लड़ने से रोक लगाने वाला कानून बनाना गलत है। सरकार को चाहिए कि इस कानून की बजाए चुनाव लड़ने के लिए शैक्षिक योग्यता को निर्धारित करे।
दो बच्चों से ज्यादा वालों के चुनाव लड़ने पर रोक के पक्ष धर
प्रधान संगठन के मुजफ्फराबाद ब्लाक अध्यक्ष एवं गदरहेड़ी के प्रधान भानू प्रताप सिंह ने कहा जनसंख्या नियंत्रण के लिए यह कानून जरूरी है। वे दो बच्चों से ज्यादा वालों के चुनाव लड़ने पर रोक के पक्ष धर हैं।
राजेश कुमार- फोटो : SAHARANPUR
भानू प्रताप सिंह- फोटो : SAHARANPUR
जाकिर अंसारी- फोटो : SAHARANPUR
राव नौशाद- फोटो : SAHARANPUR