राजकीय मेडिकल कॉलेज से छात्रों के निलंबन का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
सरसावा (सहारनपुर)। राजकीय मेडिकल कॉलेज मारपीट प्रकरण में निलंबित एमबीबीएस छात्रों का निलंबन 15000 रुपये वेलफेयर फंड में देने, वातानुकूलित संयंत्रों को उतारने और वाहनों को कॉलेज कैंपस में नहीं रखने की शर्तों पर ही वापस होगा। इस संबंध में अभिभावकों से शपथ पत्र भी मांगे गए हैं।
शुक्रवार देर शाम राजकीय मेडिकल कॉलेज में एक माह पूर्व एमबीबीएस 2018 तथा 19 बैच के छात्रों के बीच हुई मारपीट प्रकरण में विशेष बैठक हुई। इसमें प्रोक्टोरियल बोर्ड, एंटी रैगिंग कमेटी तथा समस्त वार्डन मौजूद रहे।
कॉलेज प्राचार्य डॉ अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि सभी निलंबित छात्रों के अभिभावक शपथ पत्र देंगे, जिसमें इस बात का उल्लेख करेंगे कि वे कॉलेज में छात्रों से दो पहिया तथा चार पहिया वाहन वापस लेंगे। साथ ही छात्रावासों में लगे वातानुकूलित संयंत्रों को भी उतारा जाएगा। इसके साथ ही सभी अभिभावक दंड स्वरूप 15 हजार रुपये प्रति छात्र स्टूडेंट वेलफेयर फंड में जमा कराएंगे। सर्वाधिक महत्वपूर्ण बिंदु शपथ पत्र में ये देना होगा कि भविष्य में किसी भी अनुशासनहीनता या विवाद में सम्मिलित पाए जाने पर उक्त छात्र का प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा। प्राचार्य ने कहा कि आरोपी छात्रों के अभिभावकों द्वारा इस प्रकार का शपथ पत्र देने के बाद ही छात्रों का निलंबन समाप्त हो सकता है।
प्राचार्य ने ये भी कहा कि जो छात्र अपने अभिभावकों के साथ जांच कमेटी के सामने उपस्थित नहीं हुए हैं, उन्हें अंतिम अवसर प्रदान करते हुए 30 दिसंबर को दोपहर तील बजे उपस्थित होने का नोटिस चस्पा कर दिया गया है। यदि तब भी आरोपी छात्र अपना पक्ष रखने के लिए अभिभावकों के साथ उपस्थित नहीं होते तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के लिए मेडिकल प्रशासन बाध्य होगा।