सहारनपुर। गर्मी लगातार बढ़ रही है। अप्रैल माह चल रहा है, जिसमें अधिकतम तापमान 38 से 39 डिग्री तक पहुंच गया है। गर्मी में पसीना अधिक बहना, पानी का कम पीना तथा दूषित भोजन करना सेहत पर भारी पड़ रहा है। एसबीडी जिला अस्पताल में फिजीशियन की ओपीडी में प्रतिदिन 50 से 60 मामले उल्टी और दस्त के पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. बीएस सोढ़ी ने बताया कि गर्मियों में पेट खराब होने के दो बड़े कारण हैं, जिनमें पहला कारण दूषित या बासी भोजन करना और दूसरा कम पानी पीना है। ऐसे में लोगों को गर्मियों में खान और पान में विशेष एहतियात बरतने की जरूरत रहती है। धूप में निकलने से पहले खूब पानी पीकर निकलें। खास बात यह है कि जो पानी पी रहे हैं वह शुद्घ और साफ हो। बासी भोजन ना करें। जो भी खाएं वह ताजा हो। उन्होंने बताया कि फिजीशियन की ओपीडी में दो चिकित्सकों के पास दिन में 300 से 400 मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं, जिनमें से 50 से 60 मरीज उल्टी और दस्त के हैं। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अनिल कुमार वोहरा की सलाह है कि गर्मियों में तेज मसाले और बाहर का भोजन खासकर रेहड़ियों पर बिकने वाला फास्ट फूड न खाएं। अधिक से अधिक पानी, नींबू पानी, शिकंजी आदि पीयें। कोशिश करें कि यह पेय पदार्थ घर के ही बने हों, क्योंकि उनमें सफाई अधिक रहती है।
उल्टी और दस्त से बचने को यह करें
-अधिक से अधिक पानी पीयें, जूस, शिकंजी, नींबू पानी आदि घर का ही बना पीयें।
-बासी भोजन न खाएं यानी रात का बना भोजन सुबह और सुबह का बना भोजन शाम को न खाएं।
-अधिक से अधिक सलाद, जिसमें खीरा, ककड़ी हो खाएं।
-भोजन कम खाएं, पानी अधिक पीयें।
-दही, लस्सी आदि का सेवन करें।
-रसदार फल जैसे संतरा, मौसमी, अंगूर आदि खाएं।
-रेहड़ी और शादियों आदि में बनने वाले भोजन में मसाले अधिक होते हैं खाने से परहेज करें।
-हल्के रंग के और सूती पस्त्र पहनें।
जिला अस्पताल लगी मरीजो की लाइन- फोटो : SAHARANPUR