ढमोला और पांवधोई नदी में होगा जलीय जीव जंतुओं का पुनर्वास
सहारनपुर। ढमोला और पांवधोई नदी में जलीय जीव जंतुओं का पुनर्वास किया जाएगा। नदियों के किनारों पर तितली पार्क व अन्य स्थानीय जीव जंतुओं के संरक्षण के लिए पेड़ पौधे लगाए जाएंगे।
यह जानकारी ढमोला-पांवधोई पुनरुद्धार समिति की बैठक में दी गई। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने पांवधोई और ढमोला नदी में घरों से सीधे प्रदूषित जल और सीवर पाइप डालने वाले लोगों तथा नदी किनारे अपने शौचालय बनाकर नदी को प्रदूषित करने वाले लोगों पर भारी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। बैठक में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों और उन्हें अमली-जामा पहनाने के मकसद से नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि पांवधोई और ढमोला नदी किनारों पर लोगों को सचेत और जागरूक करने के लिए जुर्माना संबंधी बैनर भी लगवाए जाएं। उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके त्रिपाठी को इसके लिए निर्देशित किया। कहा कि नदी के किनारे शौचालय बना रखे हैं। शहर के बड़े आठ नालों का कचरायुक्त पानी नदियों में बह रहा है। सभी को रोका जाए।
नगरायुक्त ने जल्द ही पांवधोई नदी का सफाई अभियान शुरू करने की बात कही। उन स्थानों को चिन्हित कर लें, जहां नदियों से निकलने वाली गाद डाली जा सके। कहा कि वे यह सर्वे कर लें कि नदी किनारे कहां कहां बाउंड्री वॉल तथा कहां जाली आदि लगाए जाने की आवश्यकता है, ताकि नदियों को प्रदूषित होने से रोका जा सके। बैठक में मौजूद आईटीसी के अधिकारियों को भी इस अभियान से जुड़ने का सुझाव दिया। साथ ही नगरायुक्त ने अधिकारियों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग अभियान के लिए भी क्रियाशील होने के निर्देश दिए। इससे पूर्व निगम के पर्यावरण प्लानर डॉ. उमर सैफ ने एनजीटी के निर्देशों पर ढमोला नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए निगम की ओर से कराए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
निगम की बैठक में ये रहे मौजूद
निगम के मुख्य अभियंता निर्माण बीके सिंह, अधिशासी अभियंता निर्माण आलोक श्रीवास्तव, उद्यान प्रभारी दिनेश यादव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी एनआर मौर्य, जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर राजेंद्र सिंह, आईटीसी के धनेश कुमार गर्ग, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग मदन पाल सिंह, निगम के मीडिया प्रभारी डॉ. वीरेंद्र आजम, क्षेत्रीय वन अधिकारी अरुण कुमार, निगम के अधिशासी अभियंता जल एसके सिंघल, संपत्ति कर अधिकारी विनय शर्मा, निगम के अतिक्रमण प्रभारी डीएच नकवी, पानी संस्थान के गजेंद्र राठी व परमवीर आदि उपस्थित रहे।
ये हुआ है जलीय जीवों के लिए तय
जलागम क्षेत्र के नगर निगम में पड़ने वाले सूक्ष्म जलागम क्षेत्र चिन्हित किए हैं। जहां प्राकृतिक पौधों की तकनीक से जल का उपचार करने की प्रक्रिया की शुरूआत की। नदी के किनारों पर तितली पार्क व अन्य स्थानीय जीव जंतुओं के संरक्षण के लिए पेड़-पौधे भी लगाए जाएंगे। ग्राम मढ़ में जहां ढमोला नदी में साफ पानी उपलब्ध है, वहां जलीय जीव जंतुओं का पुनर्वास भी किया जाएगा। पांवधोई नदी में भी यह अभियान चलाया जाएगा।