संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि वायरल पास केवल प्रारुप है। यह किसने लीक किया, इसकी जांच कराई जा रही है। फिलहाल महिलाओं के संस्था में प्रवेश पर फैसला नहीं लिया गया है।
इस्लामी तालीम के प्रमुख केंद्र दारुल उलूम में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। संस्था ने महिलाओं को प्रवेश देने के लिए एंट्री पास तैयार किया है, जो कि सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें कहा गया कि दारुल उलूम ने प्रतिबंध को समाप्त कर दिया है। हालांकि प्रबंधन की ओर से बताया गया है कि एंट्री पास लीक हुआ है, यह केवल प्रारुप है। अभी प्रवेश के मुद्दे पर विचार चल रहा है।
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बता दें, कि दारुल उलूम प्रबंधन ने 17 मई को संस्था में महिलाओं की एंट्री को बैन किया था। तर्क दिया था कि महिलाएं यहां आकर फोटोग्राफी करती हैं और रील बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रही हैं। इससे संस्था की बदनामी हो रही है। साथ ही इससे छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। प्रतिबंध हटाने को लेकर हाल ही के दिनों में संस्था ने नए नियमों के साथ प्रवेश की अनुमति दिए जाने के संकेत दिए थे।
सोमवार को सोशल मीडिया पर विजिटर पास (आगंतुक पास) वायरल हो गया, जिसके साथ बताया जा रहा है कि दारुल उलूम ने प्रतिबंध को समाप्त कर करते हुए महिलाओं को संस्था में घूमने की इजाजत दे दी है। इसमें नियम भी लिखे हुए हैं।
हालांकि पास वायरल होने के बाद संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल पास केवल एक प्रारुप है। यह किसने लीक किया, इसकी जांच कराई जा रही है। फिलहाल महिलाओं के संस्था में प्रवेश को लेकर कोई आखिरी फैसला नहीं लिया गया है। सोशल मीडिया पर भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं, जो सरासर गलत हैं।
वायरल पास में यह हैं नियम
सोशल मीडिया पर जो पास वायरल हो रहा है, उसमें विजिटर नियुक्ति अधिकारी को पैन कार्ड, आधार कार्ड या वोटर आईडी जमा करानी होगी। इसमें बनाए गए कॉलम में विजिटर का नाम, मोबाइल नंबर, पता, घूमने आने वाले सदस्यों की (महिला, पुरुष) संख्या आदि का पूरा ब्यौरा दर्ज करना होगा। महिलाओं को पर्दे में महरम (पति, अभिभावक या कोई पारिवारिक सदस्य जिससे पर्दा न हो) के साथ ही प्रवेश दिया जाएगा। संस्था के अंदर फोटोग्राफी और रील बनाने पर प्रतिबंध रहेगा, संस्था परिसर में बैठकर खाना खाने पर रोक रहेगी। पास की वैधता दो घंटे की होगी।