उन्होंने कहा कि किसी भी मुल्क की आजादी दूध पीकर नहीं बल्कि कुर्बानियां देकर मिलती है। मौलाना मदनी ने कहा कि इस्राइल की बर्बर कार्रवाई में बेकसूर लोगों की जान जा रही है। मासूम बच्चों तक का खून बहाया जा रहा है। लेकिन सच्चाई से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता और सच्चाई यह है कि फलस्तीन आजाद होकर रहेगा।
मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि सांप्रदायिकता के नारे लगाने वाले लोगों को सोचना चाहिए कि इससे मुल्क खुशहाल नहीं बल्कि बरबाद होगा। इसलिए सभी को चाहिए कि देश को इस रास्ते पर चलने से रोका जाए। कहा कि मुल्क के हालत इतने खराब हैं कि जरा सी गाड़ी टकरा जाए तो कत्ल तक कर दिया जाता है।
मौलाना मदनी ने कहा की देश में एक षडयंत्र यह चल रहा है कि मुस्लिम लड़कियों का धर्मपरिवर्तन कराया जा रहा है। यह साफ है कि हिंदू धर्म में एक जाति की शादी दूसरी जाति में नहीं हो सकती। तो फिर मुस्लिम लड़कियों को क्यों टारगेट किया जा रहा है। इसलिए मुसलमानों को चाहिए कि वह अपनी बेटियों के लिए अलग से स्कूल कॉलेज की स्थापना करें।
आपसी सौहार्द को बढ़ाने पर दिया जोर
जमीयत उलमा-ए-हिंद के सम्मेलन में गाजियाबाद, शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, हापुड़, अलीगढ़, मुरादाबाद, अलीगढ़, मेरठ, बागपत सहित 17 जनपदों से पदाधिकारी शामिल हुए। सभी लोगों ने आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने, मतदाता जागरुकता अभियान चलाए जाने, वोटर लिस्टों में नाम जुड़वाने आदि मुद्दों पर खुलकर विचार रखे। अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष मौलाना अशहद रशीदी व संचालन मुफ्ती अशफाक कासमी ने की।
इस्लामिक संस्कारों की रक्षा करना जमीयत का मूल उद्देश्य: रशीदी
जमीयत के प्रांतीय अध्यक्ष मौलाना अशहद रशीदी ने जमीयत की स्थापना के उद्देश्य पर रोशनी डालते हुए कहा कि जमीयत की स्थापना का उद्देश्य राष्ट्र एवं देशसेवा करना और इस्लामिक संस्कारों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा की जमीयत लोकतंत्र की मजबूती के लिए मैदान में डटी हुई है।