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Deoband: मौलाना मदनी बोले-दूसरी जाति में शादी नहीं करते हिंदू तो मुस्लिम लड़कियों को क्यों बनाया जा रहा निशाना

Mon, 13 Nov 2023 08:11 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

देवबंद में जमीयत उलमा-ए-हिंद के एक दिवसीय सम्मेलन में सोमवार को 17 जनपदों से पदाधिकारी पहुंचे। इस दौरान  इस्राइल-फलस्तीन युद्ध के मुद्दे पर जमीयत के अध्यक्ष मौलाना मदनी बोले कि किसी भी मुल्क को आजादी दूध पीकर नहीं, कुर्बानी देकर मिलती है। उन्होंने षडयंत्र के तहत मुस्लिम लड़कियों को निशाना बनाने पर सवाल खड़े किए।
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मौलाना मदनी - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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देश में मुस्लिमों के प्रमुख संगठन जमीयत उलमा-ए-हिंद के देवबंद में हुए एक दिवसीय सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने इस्राइल-फलस्तीन युद्ध, बढ़ती हुई सांप्रदायिकता समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर तीखे बयान दिए। इसके साथ ही मौलाना मदनी ने षडयंत्र के तहत मुस्लिम लड़कियों को निशाना बनाने पर सवाल खड़े किए और मुस्लिम समाज से लड़कियों के लिए अलग से स्कूल कॉलेज खोलने का आह्वान किया। 

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सोमवार को कासिमपुरा मार्ग स्थित मदनी मैमोरियल पब्लिक स्कूल में आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 17 जनपदों के डेढ़ हजार से अधिक जमीयत के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इसमें मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि फलस्तीन-इस्राइल युद्ध की वजह से सांप्रदायिकता में बढ़ोतरी हुई है। फलस्तीन के लोग अपनी आजादी के लिए लड़ रहे हैं, जबकि इस्राइल उन्हें गुलाम बनाना चाहता है।

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उन्होंने कहा कि किसी भी मुल्क की आजादी दूध पीकर नहीं बल्कि कुर्बानियां देकर मिलती है। मौलाना मदनी ने कहा कि इस्राइल की बर्बर कार्रवाई में बेकसूर लोगों की जान जा रही है। मासूम बच्चों तक का खून बहाया जा रहा है। लेकिन सच्चाई से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता और सच्चाई यह है कि फलस्तीन आजाद होकर रहेगा।

मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि सांप्रदायिकता के नारे लगाने वाले लोगों को सोचना चाहिए कि इससे मुल्क खुशहाल नहीं बल्कि बरबाद होगा। इसलिए सभी को चाहिए कि देश को इस रास्ते पर चलने से रोका जाए। कहा कि मुल्क के हालत इतने खराब हैं कि जरा सी गाड़ी टकरा जाए तो कत्ल तक कर दिया जाता है।

मौलाना मदनी ने कहा की देश में एक षडयंत्र यह चल रहा है कि मुस्लिम लड़कियों का धर्मपरिवर्तन कराया जा रहा है। यह साफ है कि हिंदू धर्म में एक जाति की शादी दूसरी जाति में नहीं हो सकती। तो फिर मुस्लिम लड़कियों को क्यों टारगेट किया जा रहा है। इसलिए मुसलमानों को चाहिए कि वह अपनी बेटियों के लिए अलग से स्कूल कॉलेज की स्थापना करें। 
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आपसी सौहार्द को बढ़ाने पर दिया जोर
जमीयत उलमा-ए-हिंद के सम्मेलन में गाजियाबाद, शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, हापुड़, अलीगढ़, मुरादाबाद, अलीगढ़, मेरठ, बागपत सहित 17 जनपदों से पदाधिकारी शामिल हुए। सभी लोगों ने आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने, मतदाता जागरुकता अभियान चलाए जाने, वोटर लिस्टों में नाम जुड़वाने आदि मुद्दों पर खुलकर विचार रखे। अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष मौलाना अशहद रशीदी व संचालन मुफ्ती अशफाक कासमी ने की। 

इस्लामिक संस्कारों की रक्षा करना जमीयत का मूल उद्देश्य: रशीदी 
जमीयत के प्रांतीय अध्यक्ष मौलाना अशहद रशीदी ने जमीयत की स्थापना के उद्देश्य पर रोशनी डालते हुए कहा कि जमीयत की स्थापना का उद्देश्य राष्ट्र एवं देशसेवा करना और इस्लामिक संस्कारों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा की जमीयत लोकतंत्र की मजबूती के लिए मैदान में डटी हुई है। 
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