मौलाना मदनी ने कहा कि ऐसे में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसी भी पूजा स्थल के उद्घाटन के लिए बिल्कुल नहीं जाना चाहिए। बल्कि उचित यह है कि धार्मिक अनुष्ठान राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त हों और धार्मिक लोगों द्वारा ही किए जाने चाहिए।
जमीयत का रुख साफ, बयान देने से बचें पदाधिकारी
मौलाना महमूद मदनी ने जमीयत उलमा-ए-हिंद के सभी स्तर के पदाधिकारियों को खबरदार किया कि वह संगठन के रुख के खिलाफ किसी भी गैर जिम्मेदाराना बयान से बचें।
उन्होंने कहा कि एक अंग्रेजी अखबार में जमीयत के किसी स्थानीय पदाधिकारी के हवाले से प्रधानमंत्री से मस्जिद के उद्घाटन में शामिल होने की अपील पर आधारित एक बयान प्रकाशित किया है, जो जमीयत के रुख के विरुद्ध है। इसलिए सभी पदाधिकारी किसी भी प्रकार की बयानबाजी से बचें।