अधिवेशन में बोलते मौलाना अरशद मदनी
- फोटो : amar ujala
जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे चरण में भतीजे मौलाना महमूद मदनी के मंच पर पहुंचे चाचा मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि हालात और मुसलमानों के दिलों की आवाज से हमें यकीन है कि वह दिन दूर नहीं जब जमीयत उलमा-ए-हिंद के दोनों गुट एक हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम सरकार के सामने अपनी बात रखेंगे अगर सरकार नहीं समझेगी तो देश बर्बाद हो जाएगा न अल्पसंख्यक बचेंगे न बहुसंख्यक बचेंगे।
देशभर के उलमा की उपस्थिति में मौलाना अरशद मदनी का यह एलान बहुत मायने रखता है। क्योंकि वर्ष 2008 में वर्चस्व की लड़ाई के चलते जमीयत दो फाड़ हो गई थी। शनिवार को अधिवेशन में पहुंचे अरशद मदनी ने कहा कि अल्लाह करे ये इजलास जमीयत को एक करने का सबब बन जाए।
मौलाना मदनी ने कहा कि हमारे उलमा ने देश की आजादी से लेकर बाबरी मस्जिद जैसे मुद्दों तक के लिए बड़ी कुर्बानियां दी हैं। उन्होंने कहा कि हमारे बुजुर्ग कभी सड़कों पर नहीं उतरे, लेकिन उन्होंने देश के संवैधानिक तरीकों से लड़ाई लड़ी है। हमें भी उसी तरीके पर हालात का मुकाबला करना है।
यह भी पढ़ें: शहादत: अंकित को गोली लगी है.., परिवार को संभालना, एक कॉल से घर में पसरा मातम, आंसू बहाते कटी परिजनों की रात
मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि हम कहीं बाहर से नहीं आए हैं, बल्कि यह देश हमारा है और हम यहीं के हैं। बदकिस्मती यह है कि देश का बहुसंख्यक समाज नफरत का शिकार हो गया है। मौलाना मदनी ने कहा कि हमें बहुसंख्यक समाज के लोगों से नजदीकियां बढ़ानी चाहिए और उन्हें अपने मदरसों और स्कूलों के शिक्षा के निजाम के बारे में समझाना चाहिए।
यह भी पढ़ें: Murder: मोहब्बत से शादी तक पहुंचा रिश्ता, फिर मारपीट करने लगा पति, खाने के लिए नहीं देता था रोटी, देखें मर्डर की तस्वीरें
मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि हमारा मुकाबला किसी हिंदू से नहीं है बल्कि उस सरकार से है जो धर्म के नाम पर लोगों को बांटकर देश को बर्बाद कर रही है।