सहारनपुर मंडी कोतवाली क्षेत्र की एक युवती को शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने के आरोप में पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे गए आरोपी की बीमारी के चलते मौत हो गई। परिजनों ने जेल प्रशासन पर सही उपचार न कराए जाने का आरोप लगाते हुए जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया।
मंडी कोतवाली के एक मोहल्ले की युवती ने तीन फरवरी को उत्तराखंड के हरिद्वार के थाना पिरान कलियर क्षेत्र के दरियापुर दयालपुर निवासी गफ्फार (30 वर्ष) पुत्र मोबीन के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई।
युवती की बहन की ससुराल भी आरोपी के गांव में है। युवती ने आरोप लगाया था कि बहन की ससुराल में जब वह गई हुई थी तो आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया और फिर शादी से मुकर गया। मंडी कोतवाली पुलिस ने आरोपी को 9 मार्च को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जिला कारागार में गफ्फार की तबियत खराब हो गई। बृहस्पतिवार को उसकी मां नोनी एवं भाई शौकीन जब मिलाई पर पहुंचे तो उसकी हालत बिगड़ी हुई थी। उस समय गफ्फार को बंदी रक्षक जिला जेल से जिला अस्पताल ले जा रहे थे।
परिजन भी तुरंत अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में उपचार के दौरान गफ्फार ने दम तोड़ दिया। गफ्फार की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि जिला कारागार प्रशासन ने छह दिन से जेल में बंद गफ्फार का उपचार नहीं कराया।
जिस कारण गफ्फार की मौत हो गई। उन्होंने जिला कारागार प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। इस मामले में जेल अधीक्षक डाक्टर वीरेश राज शर्मा ने बताया कि गफ्फार प्लास्टिक एनीमिया नाम की बीमारी से पीड़ित था।
उसमें खून की कमी थी। उसका खून बनना बंद हो गया था। जेल प्रशासन ने उसे 10 फरवरी को उपचार के लिए भर्ती कराया था। बृहस्पतिवार को भी जब उसकी हालत खराब होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसके शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।