इसमें मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नौमानी, सदर मुदर्रिस मौलाना अरशद मदनी, जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी, मौलाना बदरुद्दीन अजमल, मौलाना अनवारुल रहमान बिजनौरी, मौलाना रहमतुल्लाह कश्मीरी, मौलाना महमूद राजस्थानी, मौलाना इब्राहीम मालेगांव, मौलाना अब्दुल अलीम फारुकी, मौलाना कलीमुल्लाह अलीगढ़ी, मौलाना आकिल, मौलाना मुफ्ती शफीक अहमद आदि मौजूद रहे।
बंद नहीं होगी दारुल उलूम की वेबसाइट, लिया फैसला
मजलिस-ए-शूरा की बैठक में दारुल उलूम की वेबसाइट को बंद न करने का निर्णय भी लिया है। गजवा-ए-हिंद पर छिड़े विवाद के बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि वेबसाइट को कुछ दिन के लिए बंद कर दिया जाएगा। अंदरूनी तौर पर इसको लेकर लगातार विचार विमर्श भी किया जा रहा था। हालांकि कुछ लोग इसको बंद करने के समर्थन में थे कुछ इसका विरोध कर रहे थे। इसी को लेकर यह मुद्दा शूरा सदस्यों के समक्ष रखा गया। दो दिन की चर्चा की बाद बैठक में एक राय से यह फैसला लिया गया कि संस्था की वेबसाइट को बंद नहीं किया जाएगा।
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