मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा में आमतौर पर हर शिवभक्त अपनी अलग कांवड़ लेकर चलता है, लेकिन मंगलवार दोपहर शिव चौक पर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने हर किसी को ठहरने पर मजबूर कर दिया। दिल्ली के तिलक नगर निवासी शिवम और उनकी पत्नी शेफाली एक ही कांवड़ को अपने-अपने कंधों पर उठाकर और संग संग चलकर परिक्रमा पूरी की। शिव शक्ति को प्रेरणा मानकर और भोलेबाबा के जयकारे लगाते हुए दंपती दिल्ली की ओर बढ़ गए।
शिवम ने बताया कि गत वर्ष शेफाली किडनी और लीवर से जुड़ी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। कठिन समय में शिवम ने बाबा भोलेनाथ से उनकी शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हुए संकल्प लिया था कि स्वस्थ होने पर दोनों मिलकर कांवड़ यात्रा करेंगे। समय के साथ पत्नी के स्वास्थ्य में सुधार हुआ। अपने संकल्प को पूरा करने के लिए पति ने कांवड़ उठाने की तैयारी की तो पत्नी ने भी साथ चलने की इच्छा बताई।
दोनों ने 22 जुलाई को हरिद्वार की हर की पैड़ी से गंगाजल लेकर अपनी यात्रा शुरू की। दोनों समान गति से एक-दूसरे का सहारा बनकर यात्रा कर रहे हैं। शिवम का कहना है कि यह केवल कांवड़ यात्रा नहीं, बल्कि विश्वास, समर्पण और जीवनसाथी के साथ निभाने का प्रतीक है। शेफाली ने कहा कि बाबा भोलेनाथ की कृपा और उपचार से उन्हें नया जीवन मिला है। उसी आस्था के भाव से वह अपने पति के साथ यह संकल्प पूरा कर रही हैं।