सहारनपुर। कांवड़ यात्रा में रूट डायवर्जन से रोडवेज बसों को अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। इसकी वजह से किराया भी महंगा हो गया है। ऐसे में लोग दूरी और समय की बचत के लिए ट्रेनों में खूब सफर कर रहे हैं। इससे रेलवे के राजस्व में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
दरअसल, इन दिनों कांवड़ यात्रा चल रही है। कांवड़िये हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य को पहुंच रहे हैं। कांवड़ियों को कोई दिक्कत न हो, इसलिए महानगर से लेकर हाईवे पर रूट डायवर्जन किया गया है। सहारनपुर से हरिद्वार, देहरादून, ऋषिकेश, दिल्ली, आगरा, अंबाला, लुधियाना आदि जगहों पर जाने वाली बसों का परिवर्तित रूट से संचालन किया जा रहा है। रूट डायवर्जन होने के चलते बसों की दूरी 20 से 30 किलोमीटर अधिक बढ़ गई है। किराया भी छह से 87 रुपये तक बढ़ गया है।
रोडवेज बसों की लंबी दूरी और किराया बढ़ने से ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। कांवड़ से पहले जहां ट्रेनों में प्रतिदिन 11 हजार यात्री सहारनपुर से जाते थे। अब उनकी संख्या बढ़कर 14 हजार तक पहुंच गई है। इन दिनों सामान्य यात्री कम हैं, जबकि कांवड़ियों की संख्या अधिक चल रही है। सबसे ज्यादा भीड़ सहारनपुर से होकर हरिद्वार जाने वालों की है। ऐसे में यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण रेलवे के राजस्व में भी इजाफा हुआ है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सामान्य दिनों के मुकाबले इन दिनों ट्रेनों में अधिक भीड़ चल रही है।